समता कालोनी गोली कांड के 2 आरोपी गिरफ्तार,मुख्य आरोपी अभी भी फरार
रायपुर ! समता कालोनी में 29 दिसंबर की सुबह किटफ्लाई कंपनी के मैनेजर पर गोली चलाकर गंभीर रूप से घायल कर देने के मामलें में पुलिस ने दो आरोपियो को गिरफ्तार कर लिया है।;
रायपुर ! समता कालोनी में 29 दिसंबर की सुबह किटफ्लाई कंपनी के मैनेजर पर गोली चलाकर गंभीर रूप से घायल कर देने के मामलें में पुलिस ने दो आरोपियो को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि गोली चलाने वाला मुख्य आरोपी अभी भी प ुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस ने घटना को अंजाम देने में प्रयुक्त टीव्हीएस स्टार मोटर सायकल को भी जप्त किया है। आज शाम सिविल लाइन लाइन स्थित कंट्रोल रूम मेें इसका खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि समता कालोनी में किटप्लाई कंपनी का कार्यलय है। जहां मोवा पंडरी निवासी अजय कुमार मैनेजर के पर पर कार्यरत है। घटना के दिन 29 दिसबंर की सुबह जब वह पूर्व कर्मी सूर्यप्रकाश पिता स्व. एसव्ही सत्यनारायण के साथ बैठा था। तभी दो अज्ञात व्यक्ति अजय कुमार से मिलने आए और कुछ मिनटों मिलकर चले गये। उसके थोड़े देर बाद वापस आकर अजया कुमार को गोली मारकर भाग गये। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। इस दौरान पुलिस को घटना की सूचना मिलने पुलिस मौके में पहुंची जहां घटना में गंभीर रूप से घायल मैनेजर को ईलाज के लिये नारायण अस्पताल से मेकाहारा में भर्ती कर दिया गया। पुलिस ने घटना कांड की फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। वही पुलिस ने मिशन सिक्योर सिटी के तहत लगाये गये सीसीटीवी कैमरों से भनपुरी चौक तक के लगे सीसीटीवी कैमरे खंगालने पर पुलिस को आरोपियों के जैसे हुलिये वाले दो आरोपी कैमरे मे ंदिखे। पुलिस के मुताबिक पुलिस ने घटना के चश्मदीद गवाह को कथित सीसीटीवी कैमरे का फूटेज दिखाया गया। पुलिस की टीम अलग-अलग स्तर पर मामलें की जांच कर रही थी। जांच स्तर पर मामलें की जाचं की रही थी। जांच के लिये 6 टीमे बनाई गई जो कि अपने स्तर पर काम रहीवही सूर्य प्रकाश ने सीसीटीवी फू टेज दिखे आरोपियों को पहचान लिया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी रायपुर आये थे। जिसमेें उनकी उपस्थिति 23 दिसंबर अथवा उससे पहले नवंबर में दिखी थी। पुलिस ने बताया कि किटफ्लाई कंपनी का धमधा,दुर्ग डम्प है। इस दौरान आरोपी आते जाते दिखे थे। वहीं घटना दिनांक से पूर्व आरोपी होटल और घटना स्थल के आसपास में लगे सीसीटीवी कैमरे के फूटेज एक दूसरे मिल रहे थे। इससे यह स्पष्ट हो गया कि आरोपी घटना को अंजाम देने पूर्व होटल में रूके थे। इस दौरान पुलिस ने घटना का और विश्लेषण किया तो आरोपी पश्चिम बंगाल, बिहार तथा झारखंड का होना पाया। इस पर आरोपियों की गिरफ्तारी तीन अलग-अलग टीम इन क्षेत्रों के लिये रवाना की गई। जल्द ही पुलिस को इसमें कामयाबी मिली और बिस्कुट निवासी इमरान को हिरासत में लिया गया। दुसरा व्यक्ति ग्राम नगवा थाना सेमरी जिला बक्सर निवासी संतोष सिंह है। जिसका कार्य क्षेत्र जमशेद पुर होने पर पुलिस ने अंतत: उसे वहां से हिरासत मे लेे लिया। इधर पुलिस ने इमरान से पूछताछ में आरोपी संतोष सिंह उर्फ अजय के साथ मिलकर घटना को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। वहीं इस षडयंत्र में आरोपियो ने सरफराज शमिल कर लिया। पुलिस ने बताया संतोष सिंह की पहचान इमरान से सरफराज ने कराई थी। जिसके बाद होटल ब्लू स्टार में रूक कर आरोपियों ने घंटना को 29 दिसंबर के दिन अंंजाम दिया था। चूंकि मामलें अजय उर्फ संतोष सिंह की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इसके चलते गोलीकांड की मुख्य वजह सामने नही आ पाई है7 अलबत्ता अजय उर्फ संतोष सिंह ने इस काम के बदले 1 लाख रूपये इमरान तथा सरफराज को कार देने का वादा किया था।