12 बेटियों समेत 25 बहादुर बच्चे होंगे सम्मानित
नई दिल्ली ! पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग की तेजस्विता प्रधान और शिवानी गोंद ने सोशल मीडिया के जरिये अंंतरराष्ट्रीय देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़ करके;
राजपथ पर गणतंत्र दिवस की झांकी में शामिल होंगे और अपने बहादुर कारनामों से देश का नाम रोशन करेंगे
नई दिल्ली ! पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग की तेजस्विता प्रधान और शिवानी गोंद ने सोशल मीडिया के जरिये अंंतरराष्ट्रीय देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़ करके न सिर्फ अपनी बहादुरी और सूझबूझ का परिचय दिया बल्कि इस गिरोह के सरगना समेत तीन अपराधियों को जेल की सीखचों के पीछे डलवाया है । ये बालिकायें उन 25 बहादुर बच्चों में शामिल हैं जिन्हें इस वर्ष राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से नवाजा जाना है। ये बच्चे 26 जनवरी को राजपथ पर गणतंत्र दिवस की झांकी में शामिल होंगे और अपने बहादुर कारनामों से देश का नाम रोशन करेंगे। इन 25 बहादुर में बच्चों में इस बार 12 बच्चियां शामिल हैं जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 जनवरी को राष्टï्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित करेंगे । चार को मरणोपरांत इस पुरस्कार से नवाजा जाएगा और ये सभी बच्चियां हैं। बहादुर बच्चों में केरल के सर्वाधिक चार और दिल्ली के तीन बच्चे शामिल हैं जिनमें दो सगे भाई-बहन हैं । इंडियन काउंसिल फार चाइल्ड वेल्फेयर की अध्यक्ष गीता सिद्धार्थ ने आज यहां प्रेस कांफ्रेंस में इन जाबांज बच्चों का परिचय कराते हुए इनके साहसिक कारनामों का बखान किया । नेपाल से एक नाबालिग लडक़ी के लापता होने की सूचना मिलने पर 17 वर्ष की तेजस्विता और 16 वर्ष की शिवानी ने फेसबुक पर उक्त लडक़ी को खोज निकाला । वे यह जानकर दंग रह गयीं कि लडक़ी दिल्ली में देह धंधे में शामिल होने के बाद खुद भी यह रैकेट चलाने लगी 1 चैंटिंग के जरिये दोनों ने इस लडक़ी को बताया कि वे काम की तलाश में हैं । लडक़ी ने दोनों को देह व्यापार का लालच देकर फोटो मांगी । बाद में जाल बिछाकर उन्होंने देह के व्यापारियों को भारत -नेपाल सीमा पर पानी टंकी इलाके में एक होटल में बुलाकर फंसा लिया। अपराधियों को रंगे हाथों पकड़ लिया गया । दोनों ने असीम साहस का परिचय देकर पुलिस और गैर सरकारी संगठनों की मदद की जिससे एक अंतरराष्ट्रीय सेक्स रैकेट का पर्दाफाश हुआ । दोनों को संयुक्त रूप से गीता चोपड़ा पुरस्कार के लिए चुना गया है
लखनऊ की 14 वर्षीय अंशिका पांडे ने कार में सवार दो अपहृताओं से अकेले मोर्चा लेकर उनके छक्के छुड़ा दिये और उन्हें भागने पर मजबूर कर दिया। जान की बाजी लगाकर दो सहेलियों को नदी में डूबने से बचाने के लिए अरुणाचल प्रदेश की आठ वर्षीय तार पीजू को मरणोपरांत भारत अवार्ड दिया जाएगा। मिजोरम की एच लालरियातपुई और रोलुआपुई तथा जम्मू कश्मीर की पायल देवी को मरणोपरांत यह पुरस्कार दिया जाएगा । तेंदुए से अपने चचेरे भाई की जान बचाने वाले उत्तराखंड के सुमित ममगाई को संजय चोपड़ा पुरस्कार तथा रोलुआपुई, लालरियातपुई और छत्तीसगढ़ के तुषार वर्मा को बापू गैधानी अवार्ड पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा । इनके अलावा छत्तीसगढ़ की कुमारी नीम धू्रव को ओडिशा के मोहन सेठी को,असम के टंकेश्वर पीगू को ,केरल के आदित्यन एम पी पिल्लई को , केरल के ही बिनिल मंजली और अखिलेश और बदरूनिशा के पी ने को तथा दिल्ली के नमन को राजस्थान के सोनू माली को हिमाचल प्रदेश के प्रफुल्ल शर्मा , महाराष्टï्र की निशा दिलीप पाटिल ,कर्नाटक की सिया वामनासा खोडे, मणिपुर के एम एस सिंह और नागालैंड के टी लुनकिम को भी निस्वार्थ भाव से अदम्य साहस का परिचय देने के लिए वीरता पुरस्कार से नवाजा जाएगा ।