वंदे मातरम विवाद पर गहलोत का सरकार पर हमला, बोले- आदेश वापस लिया जाना चाहिए
राजस्थान में स्कूलों से जुड़े शिक्षा विभाग के निर्देश और वंदे मातरम को लेकर चल रहे विवाद के बीच कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस तरह के नियम वापस लेने चाहिए और स्कूलों में मीडिया की पहुंच पर रोक नहीं लगनी चाहिए।;
जयपुर। राजस्थान में स्कूलों से जुड़े शिक्षा विभाग के निर्देश और वंदे मातरम को लेकर चल रहे विवाद के बीच कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस तरह के नियम वापस लेने चाहिए और स्कूलों में मीडिया की पहुंच पर रोक नहीं लगनी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि स्कूलों से जुड़े आदेश को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी मीडियाकर्मी स्कूल के अंदर नहीं जा सकता, ऐसा नियम लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिहाज से उचित नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार से इस आदेश को वापस लेने की मांग की।
'वंदे मातरम' को लेकर अशोक गहलोत ने भाजपा पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है।
गहलोत ने सवाल उठाया कि भाजपा का वंदे मातरम से क्या लेना-देना है। उन्होंने आरएसएस मुख्यालय पर लंबे समय तक तिरंगा नहीं फहराए जाने का भी जिक्र करते हुए भाजपा और संघ पर निशाना साधा।
अशोक गहलोत ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से वंदे मातरम गाती रही है और वह स्वयं करीब 50 वर्षों से यह गीत गाते आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब अचानक भाजपा को वंदे मातरम से प्रेम हो गया है। उनके मुताबिक, इस मुद्दे पर भाजपा के पास कोई ठोस जवाब नहीं है और वह लोगों को गुमराह कर रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कोई कानून बना है तो उसका पालन होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस कानून का पालन नहीं करेगी तो फिर कौन करेगा। गहलोत ने कहा कि कानून का पालन सभी को करना चाहिए, लेकिन इसके नाम पर लोगों को भ्रमित नहीं किया जाना चाहिए।
गहलोत ने राजस्थान विधानसभा के बाहर विपक्षी विधायकों के विरोध प्रदर्शन का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के विधायकों के लिए विधानसभा के गेट ही नहीं खोले जा सकते तो इससे सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने विधानसभा में यह स्थिति देखी और इससे उन्हें काफी दुख हुआ।
गहलोत ने कहा कि विपक्ष को अपनी बात रखने और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। उन्होंने सरकार से राजनीतिक विरोध को दबाने के बजाय विपक्ष की आवाज सुनने की अपील की। साथ ही स्कूलों से संबंधित आदेश को वापस लेने और वंदे मातरम के मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की मांग की।