जयपुर : राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से पति-पत्नी के रिश्ते को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शादी के महज तीन महीने बाद एक महिला ने अपने प्रेमी और उसके दो साथियों के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। आरोप है कि हत्या को सड़क दुर्घटना और लूट की घटना बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस जांच में साजिश का पर्दाफाश हो गया। जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमृता दुहन ने बताया कि इस मामले में मृतक की पत्नी अंजली, उसके प्रेमी संजय उर्फ संजू और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। तीन युवकों को पांच दिन और अंजली को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
सात साल पुराना प्रेम संबंध
पुलिस जांच में सामने आया है कि अंजली और संजय के बीच पिछले सात वर्षों से प्रेम संबंध थे। यह संबंध परिवार के कुछ सदस्यों को भी ज्ञात था। बावजूद इसके 30 अक्टूबर 2025 को अंजली की शादी श्रीगंगानगर निवासी आशीष से हुई। आशीष उच्च शिक्षित और संपन्न परिवार से संबंध रखते थे। उन्होंने जियोलॉजी में एमएससी की थी और बीएड की पढ़ाई कर रहे थे।
दूसरी ओर, संजय उर्फ संजू की पृष्ठभूमि अलग रही। वह अधिक पढ़ा-लिखा नहीं है और शादी-ब्याह में वेटर का काम करता है। उसके पिता का निधन हो चुका है। परिवार में मां, दो भाई और दो बहनें हैं। पुलिस के अनुसार, संजय का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। शादी के बाद भी अंजली और संजय संपर्क में थे। पुलिस का मानना है कि यही संबंध आगे चलकर हत्या की साजिश का कारण बना।
मायके में रची गई साजिश
पुलिस के अनुसार, अंजली शादी से पहले श्रीगंगानगर में रहकर पढ़ाई कर रही थी। विवाह के बाद उसने पति से आगे की पढ़ाई के लिए फिर से श्रीगंगानगर भेजने का अनुरोध किया, लेकिन आशीष इसके लिए तैयार नहीं हुए। जनवरी के पहले सप्ताह में अंजली मायके गई। वहीं उसने संजय को मिलने बुलाया और कथित तौर पर पति की हत्या की योजना बनाई। जांच में सामने आया है कि मायके से लौटने के बाद अंजली ने योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम देने की तैयारी की। पुलिस का दावा है कि हत्या पूरी तरह से पूर्व नियोजित थी।
घूमने के बहाने ले गई सुनसान जगह
30 जनवरी की रात भोजन के बाद अंजली और आशीष घर से बाहर घूमने निकले। पुलिस के अनुसार, अंजली ने पहले ही फोन पर संजय को उनके बाहर निकलने की जानकारी दे दी थी। वह पति को शहर से दूर एक सुनसान इलाके में ले गई, जहां पहले से संजय और उसके साथी मौजूद थे। जैसे ही वे वहां पहुंचे, संजय और उसके साथियों ने आशीष पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले से आशीष बेहोश हो गए। इसके बाद, पुलिस के अनुसार, अंजली और संजय ने मिलकर मफलर से उनका गला घोंट दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
दुर्घटना और लूट की झूठी कहानी
हत्या के बाद साजिश को छिपाने के लिए कथित तौर पर घटनास्थल को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई। पुलिस के अनुसार, अंजली ने आशीष का मोबाइल फोन और अपने कान के झुमके संजय और उसके साथियों को दिए ताकि लूट का आभास हो सके। इसके बाद वे लोग वहां से भाग गए। अंजली खुद भी सड़क पर गिर गई और राहगीरों को बताया कि एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी और ज्वेलरी लूट ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को अस्पताल पहुंचाया। आशीष को मृत घोषित कर दिया गया।
मेडिकल रिपोर्ट से खुला राज
प्रारंभिक बयान में अंजली ने हिट एंड रन की कहानी दोहराई। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि आशीष की मौत सड़क दुर्घटना से नहीं, बल्कि मारपीट और गला घोंटने से हुई है। शरीर पर चोटों के निशान और गले पर दबाव के संकेतों ने पुलिस का संदेह गहरा कर दिया। इसके बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान कथित तौर पर अंजली के बयान में विरोधाभास सामने आए। तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस ने संजय और उसके साथियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो गया।
हत्या के बाद प्रेमी से शादी की योजना?
पुलिस सूत्रों का कहना है कि आशीष की हत्या के बाद अंजली अपने प्रेमी संजय से विवाह की योजना बना रही थी। हालांकि, पुलिस ने इस संबंध में आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है और जांच जारी है। घटना को छह दिन बीत चुके हैं, लेकिन मृतक के परिचित और स्थानीय लोग अब भी इस घटना पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। जिन लोगों ने अंजली को जाना है, वे उसके इस कदम से स्तब्ध हैं।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
एसपी अमृता दुहन ने बताया कि चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। तीन युवकों को पांच दिन और अंजली को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस हत्या की साजिश, घटनास्थल की परिस्थितियों और अन्य संभावित पहलुओं की गहन जांच कर रही है। पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या इस मामले में किसी और की भूमिका रही या नहीं। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और मोबाइल डेटा की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
समाज में उठे सवाल
यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि सामाजिक और पारिवारिक संबंधों पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। सात साल पुराने प्रेम संबंध, पारिवारिक दबाव, शादी के बाद असहमति और कथित रूप से पूर्व नियोजित हत्या—इन सभी पहलुओं ने इस घटना को और भी जटिल बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैवाहिक संबंधों में संवाद और पारदर्शिता की कमी कई बार गंभीर परिणामों का कारण बन सकती है। हालांकि, किसी भी परिस्थिति में कानून हाथ में लेना अपराध है और इसके गंभीर दुष्परिणाम होते हैं।
चर्चित घटनाओं में से एक
श्रीगंगानगर का यह हत्याकांड फिलहाल जिले की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक बना हुआ है। मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस जांच ने जिस तरह से कथित दुर्घटना की कहानी को झूठा साबित किया, उसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। अब सबकी नजर अदालत की कार्यवाही और आगे की जांच पर टिकी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है और पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर आरोपियों के खिलाफ मजबूत चार्जशीट पेश की जाएगी। फिलहाल, यह मामला रिश्तों में विश्वास, संवाद और जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित करता है, साथ ही यह भी दिखाता है कि कानून से बचना आसान नहीं है।