राजस्थान सरकार हर व्यक्ति का रख रही हैं ख्याल-गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि कोरोना वायरस के चलते राज्य सरकार प्रदेश के हर व्यक्ति का ख्याल रखते हुए इस महामारी का मुकाबला कर रही

Update: 2020-04-16 10:38 GMT

जयपुर  । राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि कोरोना वायरस के चलते राज्य सरकार प्रदेश के हर व्यक्ति का ख्याल रखते हुए इस महामारी का मुकाबला कर रही है और वह यह सुनिश्चित करेगी कि मॉडिफाइड लॉकडाउन में सामाजिक दूरी की पूरी तरह से पालन हो।

 गहलोत बुधवार रात वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक-एक व्यक्ति एवं एक-एक परिवार का ख्याल रखना राज्य सरकार का कर्तव्य है और इसे पूरी तरह से निभाते हुए हमारी सरकार कोविड-19 महामारी का मुकाबला कर रही है और इसका संक्रमण रोकने का कार्य पूरी मुस्तैदी के साथ किया जा रहा है। प्रदेश में बड़े स्तर पर सैम्पल कलेक्शन, टेस्टिंग एवं इलाज की पुख्ता व्यवस्थाएं की गई हैं। क्वारेंटाइन किए गए लोगों से अपील है घबराए नहीं, उनके लिए सरकार ने क्वारेंटाइन सेंटर्स पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुनिश्चित करेगी कि मॉडिफाइड लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह से पालन हो। किसी भी तरह की लापरवाही से संक्रमण बढ़ सकता है। हमारा प्रयास रहेगा कि लोगों की तकलीफें कम हों लेकिन संक्रमण और बढ़ने का खतरा भी पैदा न हो। उन्होंने कहा कि जयपुर के चारदीवारी सहित प्रदेश के हॉट स्पॉट वाले क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाकर उन्हें पूरी तरह सील किया गया है और उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। चारदीवारी सहित सभी हॉट स्पॉट पर ज्यादा से ज्यादा संख्या में टेस्टिंग की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सामान्य एवं गंभीर बीमारियों को लेकर अस्पताल पहुंचने वाले लोगों का समुचित इलाज करने के निर्देश सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों को दिए गए हैं। जाति, धर्म एवं राजनीति से उपर उठकर इस महामारी से हमें मिलकर मुकाबला करना है।

हर चुनौती को अवसर में बदलने की सोच के साथ प्रदेश में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। लैब, आईसीयू एवं वेंटिलेटर की संख्या बढ़ाई गई है।
लॉकडाउन के कारण छोटे-बड़े उद्योगों के अस्तित्व पर संकट आ गया है। ऐसे में उन्हें जिंदा रखने के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा करने के सम्बन्ध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दो बार हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अनुरोध किया गया था।

उन्होंने कहा कि फैक्ट्रियों के बंद होने से मजदूरों की स्थिति चिंताजनक हो गई है। ऐसे में केन्द्र सरकार द्वारा समुचित कदम उठाए जाने चाहिएं। उम्मीद है 20 अप्रैल से फैक्ट्रियों में काम शुरू हो सकेगा। ऐसे में जो मजदूर यहां रूके हुए हैं उन्हें फिर से रोजगार मिल जाएगा। हमने प्रदेश में आटा मिलों को एफसीआई के गोदामों से सीधा गेहूं उठाकर पीसकर आटा तैयार करने की व्यवस्था कर दी है। अब राशन वितरित करने वाले समाज सेवी एवं स्वयंसेवी संस्थाएं असहाय एवं निराश्रितों को गेहूं की बजाय आटा वितरित कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि ऐसे समय में मीडियाकर्मी आमजन तक सूचनाएं पहुंचाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं। मेरी उनसे अपील है कि वे स्वयं का ध्यान रखने के साथ ही अपने परिवार का भी ध्यान रखें।
 


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