अवैध वन कटाई का मामला सदन में गूंजा,तेजकुंवर नेताम ने बताया जान का खतरा

रायपुर ! श्रीमती तेजकुंवर नेताम एवं श्रीमती अनिला भेडिय़ा, सदस्य ने ध्यानाकर्षण सूचना के तहत मामला उठाते हुए कहा कि राजनांदगांव में वन विभाग के अधिकारियों एवं तस्करों की मिलीभगत से

Update: 2017-03-31 05:08 GMT

रायपुर  !  श्रीमती तेजकुंवर नेताम एवं श्रीमती अनिला भेडिय़ा, सदस्य ने ध्यानाकर्षण सूचना के तहत मामला उठाते हुए कहा कि  राजनांदगांव में वन विभाग के अधिकारियों एवं तस्करों की मिलीभगत से वृक्षों की अवैध कटाई एवं परिवहन किया जा रहा है। चौकी, माहला, मानपुर क्षेत्र चौकी उपवनमंडल में भूमि खसरा क्रमांक 272-1 में जामुन प्रजाति के 15 व वृक्ष कटाई की अनुमति हतसीलदार मोहला द्वारा दी गई। जिसकी कटाई उपरांत वनोपत काष्ठ लट्ठा 92 नग एवं जलाऊ ल_ा 70 नग होला बताया गया है।
 लकड़ी के परिवहन हेतु उप वन मंडलाधिकारी द्वारा अनुमति जारी किया गया। इसी तरह विभागीय अधिकारियों द्वारा क्षेत्र के आदिवासियों के नाम पर तहसीलदार से कुछ पेडा़ें की कटाई हेतु अनुमति पत्र की आड़ में कीमती वृक्षों  की कटाई की जा रही है । परिवहन अनुज्ञा पत्र 2078-24,2078-68, 2078-69, 2078-70,2078-72,2078-73,2078-60,2078-56 उप वनमंडलाधिकारी  चौकी द्वारा  जारी कर लकड़ी की तस्करी कराई जा रही है। जिसकी शिकायत कलेक्टर, राजनांदगांव से  की गई। उनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। तदुपरांत प्रधान मुख्य वन संरक्षण, रायपुर से इसकी शिकायत की गई। जिस पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के द्वारा जांच कर जांच प्रतिवेदन पर अभिमत चाहा गया, परन्तु दुर्ग मुख्य वन संरक्षक द्वारा अपराधिक कृत में लिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों एवं लकडी तस्करों पर कार्रवाई जानबूझकर लंबित रखा गया। 20 मार्च  2017 तक पुलिस में प्रकरण  दर्ज नहीं कराई गई तथा विशेष अन्वेषण दल का गठन कर शिकयत के बिन्दुओं पर जांच भी नहीं कराई जा रही है।  मोहला, मानपुर  क्षेत्र में तहसीदार मोहला एवं मानपुर द्वारा निजी क्षेत्र में कृषको की भूमि पर खडे वृक्षों को काटने  अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी किया गया।  लकडी तस्करी की शिकायत कलेक्टर राजनांदगांव को दिये जाने पर उनके द्वारा इसकी जांच करायी गई। जांच उपरांत उन्होने अपना प्रतिवेदन शासन को प्रेषित किया। कलेक्टर ने अपने जांच प्रतिवेदन में वन परिक्षेत्राधिकारी पानाबरस, उप वनमंडलाधिकारी अंबागढ चौकी, तहसीलदार अंबागढ चौकी व मोहला द्वारा  नियम विपरीत निजी उपयोग  हेतु ईमारती वृक्षों की अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी करने का उल्लेख किया है।  प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय में  25 दिसम्बर 2016 को शिकायत प्राप्त होने पर मु्रख्य वन संरक्षक दुर्ग वृत्त से प्रकरण की जांच कराये जाने के लिए उन्हे मूल शिकयत पत्र भेजा गया था। इसके उपरांत मुख्य वन संरक्षक दुर्ग वृत्त से जाच प्रतिवेदन प्रप्त न होने पर राज्य स्तरीय उडऩदस्ते के प्रभारी अधिकारी आर के कुजूर सहायक वन संरक्षक को जांच कर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश किये गये। श्री कुजूर द्वारा जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। इस प्रतिवेदन के आधार पर जांच में पाये गये तथ्यों पर मुख्य वन संरक्षक दुर्ग से उनका अभिमत चाहा गया। उसके अभिमत मांगा गया। मुख्य वन संरक्षक दुर्ग का अभिमत आज तक अप्राप्त है।

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