पन्ने फाडक़र नकल, दो पकड़ाए

रायपुर ! पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की चल रही वार्षिक परीक्षाओं में इस बार काफी कसावट नजर आ रही है। परीक्षा केंद्राध्यक्षों के दिशा निर्देश पर परीक्षा कड़ाई से ले रहे हैं।

Update: 2017-04-07 04:43 GMT

नकल करने वालों की प्रवृत्ति में कोई सुधार नहीं
रायपुर !   पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की चल रही वार्षिक परीक्षाओं में इस बार काफी कसावट नजर आ रही है। परीक्षा केंद्राध्यक्षों के दिशा निर्देश पर परीक्षा कड़ाई से ले रहे हैं। वही नकलचियों की प्रवृत्ति में कोई बदलाव नहीं आया है। नकलची पुराने तरीकों से नकल करते पकड़े जा रहे है। इनमें कुंजीयों के पन्ने और कागज की पर्चियां बनाकर नकल की जा रही है। छात्र एवं छात्राओं दोनों को नकल करते पकड़ा गया है। इसके अलावा  उडऩ दस्ता  की 5 टीमों में 15 दिन में 50 नकलचियों को अलग-अलग महा. में नकल करते पकड़ा है।
इस संदर्भ में जानकारी देते हुूए पं. रविशंकर विवि की जनसंपर्क अधिकारी नीता बाजपेयी ने बताया कि महिला एवं पुरुष उडऩ दस्ता गठित किया गया है। जिसमें छानबिन चल रही है। रोजना उडऩ दस्ते के दल ग्रामीण व शहरी परीक्षा केंद्र में नकलचियों की जांच कर रही है। इन दल के सदस्यों का कहना है कि नकलचियों के नकल करने तरीकों में कोई बदलाव नहीं आया है। नकलची पुरानी तरकीब से ही नकल कर रहे है। सदस्यों का कहना था कि बार-बार की जांच के कारण नकलचियों में नकल की प्रवृत्ति कम हुई है। वही दूसरी तरफ परीक्षा कक्ष में  कई तरह की पाबंदियों के मद्देनजर परीक्षार्थी नकल के लिये साहस नहीं जुटा पा रहे हैं। यही कारण है कि  कम परीक्षा में नकल के प्रकरण सामने आ रहे है। उन्होंने बताया कि अभी 50 फीसदी परीक्षाएं बाकी है और मई के द्वितीय सप्ताह तक परीक्षाएं चलती रहेंगी। साथ ही बताया कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में बनाए गये परीक्षा केंद्र में कही से सामूहिक नकल की सूचना नहीं है। इस बार परीक्षा केंद्राध्यक्षों ने दो-तीन लेयर में छानबिन की व्यवस्था रखी है। इससे विद्यार्थियों का साहस टूटते जा रहा है। विवि की परीक्षाएं तीन पालियों में चल रही है। प्रतम पाली में विज्ञान समूह व कम्प्यूटर साइंस की परीक्षाएं ली जा रही है। द्वितीय पाली में कामर्स इकाई की परीक्षाएं ली जा रही है और तृतीय पाली में कला निकाय की परीक्षाएं हो रही है।
तेजी गर्मी से परेशानी बढ़ी
परीक्षा कक्ष में परीक्षार्थियों पर तेज गर्मी का प्रभाव आसानी से देखा जा सकता है। जो भी परीक्षार्थी बार-बार माथे का पसीना पोछते नजर आते है। साथ में पीने के पानी की दरकार बनी रहती है। विशेष तौर पर तृतीय पाली में अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। 10 तारीख के बाद से विवि में मूल्यांकन कार्य प्रारंभ हो जाएगा।
विवि की परीक्षा में भाग लेने वाले परीक्षार्थियों को विशेष तौर पर स्वाध्यायी व अध्यायी परीक्षार्थियों को परीक्षा दिलाने के लिये केंद्रों के बाहर कड़ी धूप में खड़ा होना पड़ता है।
 इसलिये परीाक्षार्थी दुकान और पेड़ की आड़ में खड़े होकर परीक्षा में शामिल होने का इंतजार करते है। समय आने पर परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जाता है।

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