कंगाली की कगार पर पहुंची राज्य सरकार,शराब बेचना संविधान के अनुच्छेद 47 का उल्लंघन

रायपुर ! प्रदेश में शराब का कारोबार करने का निर्णय लेने वाली रमन सरकार को पूर्व मंत्री व अखिल भारतीय कांग्रेस के सदस्य मोहम्मद अकबर ने जमकर घेरा है।

Update: 2017-03-06 04:39 GMT

रायपुर !  प्रदेश में शराब का कारोबार करने का निर्णय लेने वाली रमन सरकार को पूर्व मंत्री व  अखिल भारतीय कांग्रेस के सदस्य मोहम्मद अकबर ने जमकर घेरा है। उन्होंने कहा है कि शराब के मामले में रमन सरकार संविधान के अनुच्छेद 47 का उल्लंघन कर रही है। अनुच्छेद 47 में यह प्रावधान है कि   राज्य स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मादक पदार्थों के उपभोग को प्रतिशिद्ध  करेगा।  
आज एक बयान जारी कर पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने खुलासा किया कि  रमन सरकार की फिजूलखर्ची, टैक्स चोरी की छूट भ्रश्टाचार  करके अधिक मूल्य में किये गये निर्माण व की गई खरीदी  एवं राजस्व में कमी के कारण यह सरकार कंगाली के कगार पर पहॅुंच गई है।  सरकार अब खुद ही शराब बेचकर अपनी  आर्थिक  स्थिति सुधारने का प्रयास कर रही है ।  पूर्व मंत्री ने बताया कि प्रदेश में सरकारी राशि की मची लूट तथा वित्तीय कुप्रबंधनों के चलते राज्य सरकार कर्ज में डूब गई है। रमन सरकार ने 24 जनवरी 2017 तक रिजर्व  बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से बॉंड  एवं प्रतिभूति (सिक्युरिटी)  बेचकर 8600 करोड़ रूपये कर्ज के रूप में प्राप्त किया है, तथा 1600 करोड़ का कर्ज और लेने जा रही है। इस तरह 10200 करोड़ का कर्ज रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से तथा अलग अलग संस्थाओं का मिलाकर कुल  35000 करोड़ का कर्ज रमन सरकार ले चुकी है। सरकार यदि खुद शराब बेचकर 3300 करोड़ का राजस्व   प्राप्त भी कर लेगी, तो भी उसके सेहत में कोई फर्क नहीं पडऩे वाला।  इसलिए जन भावनाओं का आदर करते हुए तत्काल प्रदेश में शराब बंदी की घोशणा करें।  
सरकार को जनता की परेशानी
से कोई लेना-देना नहीं  
पूर्व मंत्री ने कहा कि अपने कृत्यों से यह सरकार  गरीबी रेखा से नीचे जैसी स्थिति में आ गई है, इसलिये शराब बेचकर अपनी आर्थिक स्थिति सुधारना चाहती है।  शराब दुकानों के लिये लालायित सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिपालन में राजमार्गों से शराब दुकानें  हटाकर   500 मीटर से अधिक दूरी पर  स्थापित करने घनी आबादी  वाले क्षेत्रों में शराब दुकानें खोलना चाह रही है , जिसका  पूरे प्रदेश में महिलाओं  व नागरिकों द्वारा  विरोध कर आंदोलन किया जा रहा है। खैरागढ़ के धरमपुरा में तो शराब दुकान बनाने के लिए प्रशासन ने एक कब्रिस्तान ही खोद डाला ।  इसके बावजूद मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह व आबकारी मंत्री अमर  अग्रवाल को जनता की परेशानियों से कोई  लेना देना नहीं है।

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