छात्रावास में 6 वीं के बच्चे ने लगाई फांसी, टाई को बनाया फंदा

जगदलपुर ! बस्तर जिले के दरभा ब्लाक अंतर्गत आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित बालक आश्रम नेंगानार में मंगलवार देर रात कक्षा छठवीं में पढऩे वाले एक 12 वर्षीय आदिवासी बच्चे ने फांसी;

Update: 2017-01-12 04:59 GMT

अधीक्षक व भृत्य आश्रम से थे नदारद
जगदलपुर !  बस्तर जिले के दरभा ब्लाक अंतर्गत आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित बालक आश्रम नेंगानार में मंगलवार देर रात कक्षा छठवीं में पढऩे वाले एक 12 वर्षीय आदिवासी बच्चे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बच्चा खिडक़ी में टाई बांधकर उसी फंदे में झूल गया। आश्रम में छात्रावास अधीक्षक महेन्द्र नायक के अलावा चतुर्थ श्रेणी के पांच कर्मचारी पदस्थ हैं पर बताया गया कि घटना की रात इनमें से कोई भी आश्रम में नहीं था। आत्महत्या करने वाला बालक रोहन कुमार बघेल जगदलपुर ब्लाक के आंवराभाटा का रहने वाला था। पुलिस ने घटना में मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। इधर घटना का पता चलते ही प्रभारी सहायक आयुक्त मिथलेश कुमार $ढोंडे खुद घटनास्थल पहुंचे और स्थिति की जानकारी ली। नोडल अधिकारी सालिगराम पचौरी को विभागीय जांच अधिकारी बनाया गया है। सहायक आयुक्त मिथलेश कुमार $ढोंडे ने बताया कि जांच रिपोर्ट देर शाम या गुरूवार तक आ जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आत्महत्या करने के कारणों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं मिल पाई है। घटना के बाद दूसरे दिन बीईओ भोंडेकर, मंडल संयोजक मिलाप सिंह ठाकुर, आश्रम अधीक्षक महेन्द्र नायक तीनों ही जिम्मेदार लोगों ने ही अपने-अपने मोबाईल स्वीच ऑफ कर लिए थे इसलिए इनमें से किसी से भी घटना के संदर्भ में चर्चा नहीं हो पाई। इस घटना से अन्य छात्र काफी दहशत में हैं।

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