विदेशों में बसे पंजाबियों को आतंकवादी बता रहे है सुखबीर

चंडीगढ़ ! आम आदमी पार्टी (आप) ने गुरुवार को पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर विदेशों में बसे पंजाबी समुदाय को आतंकवादी कहने और आप को चरमपंथियों से धन मिलने की बा;

Update: 2017-01-19 21:39 GMT

चंडीगढ़ !  आम आदमी पार्टी (आप) ने गुरुवार को पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर विदेशों में बसे पंजाबी समुदाय को आतंकवादी कहने और आप को चरमपंथियों से धन मिलने की बात कहने का आरोप लगाते हुए उनके बयान की निंदा की। आप के लिए चुनाव प्रचार करने कनाडा से इस समय पंजाब आए प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए पार्टी महासचिव संजय सिंह ने कहा कि सुखबीर का आप के समर्थक प्रवासी भारतीयों के खिलाफ दिया गया बयान अनुचित और विदेशों में बसे पंजाबियों का अपमान करने वाला है।

संजय सिंह ने कहा, "कनाडा में बसे प्रवासी भारतीयों ने पंजाब की समृद्धि के लिए आप को नैतिक और आर्थिक मदद दी है, जबकि सुखबीर आप पर आतंकवादियों से चंदा लेने का आरोप लगा रहे हैं।"

सुखबीर ने कहा था कि दूसरे देशों में बसे खालिस्तान समर्थक और चरमपंथी तत्व आप की मदद कर रहे हैं।

कनाडा में बसे पंजाबियों का पहला दस्ता गुरुवार को दिल्ली पहुंचा, जिनका स्वागत दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आप के विदेश संयोजक कुमार विश्वास ने किया।

ब्रिटेन से आप समर्थक प्रवासी भारतीयों का दूसरा दस्ता 24 जनवरी को भारत आ रहा है।

पंजाब से बड़ी संख्या में भारतवंशी कनाडा, ब्रिटेन और अमेरिका सहित अन्य देशों में बसे हुए हैं।

टोरंटो में 'चलो पंजाब' अभियान के संयोजक और पहले दस्ते के नेतृत्वकर्ता सुरिंदर मावी ने कहा कि वह शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के गठबंधन और कांग्रेस की हार सुनिश्चित करने के लिए पंजाब आए हैं।

मावी ने कहा, "कांग्रेस पंजाब में मौजूद बादल परिवार की भ्रष्ट सरकार का विकल्प नहीं बल्कि उसकी स्थानापन्न है। हमें पंजाब को माफियाओं के चंगुल से बचाना होगा। आप पंजाब के लोगों की एकमात्र और अंतिम उम्मीद है।"

संजय सिंह ने कहा कि आप पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में 100 से अधिक सीटें जीतेगी।

आप की प्रवासी इकाई के अध्यक्ष जगतार सिंह संघेरा ने भी सुखबीर सिंह बादल की निंदा की।

संघेरा ने कहा, "प्रवासी भारतीयों ने 2007 में अकाली दल को समर्थन दिया था और उनके चुनाव प्रचार को आर्थिक मदद भी मुहैया कराई थी, क्योंकि हमें उम्मीद थी कि अकाली पंजाब में सुशासन लाएंगे।"

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