पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए AAP का बड़ा दांव, आज आएगी उम्मीदवारों की पहली सूची

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी पंजाब में पिछले पांच वर्षों के दौरान किए गए विकास कार्यों के आधार पर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने लोगों के हित में जो काम किए हैं, उन्हें चुनाव प्रचार का प्रमुख हिस्सा बनाया जाएगा।;

Update: 2026-10-31 05:34 GMT

नई दिल्ली: पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) ने उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के दिल्ली स्थित आवास पर एक अहम बैठक हुई। बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, राज्य के चुनाव प्रभारी मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और जैस्मीन शाह समेत पार्टी के प्रमुख नेता शामिल हुए। इस दौरान आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि शनिवार, 31 अक्टूबर को पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की एक और बैठक होगी। इसके बाद आम आदमी पार्टी उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करेगी। पार्टी के इस कदम को चुनावी तैयारियों को समय से पहले गति देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

विकास कार्यों के आधार पर चुनाव लड़ने की तैयारी

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी पंजाब में पिछले पांच वर्षों के दौरान किए गए विकास कार्यों के आधार पर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने लोगों के हित में जो काम किए हैं, उन्हें चुनाव प्रचार का प्रमुख हिस्सा बनाया जाएगा। मान के मुताबिक, उम्मीदवारों के चयन में जनता के बीच उनकी लोकप्रियता और स्वीकार्यता को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए पार्टी की ओर से कराए गए सर्वेक्षणों को भी आधार बनाया जा रहा है। पार्टी चाहती है कि ऐसे प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा जाए, जिनकी अपने निर्वाचन क्षेत्रों में मजबूत पकड़ हो और जो जनता के बीच सक्रिय रहे हों।

40 से 45 मौजूदा विधायकों के टिकट कटने की चर्चा

पार्टी की चुनावी रणनीति में मौजूदा विधायकों के टिकट का मुद्दा भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, एंटी-इनकंबेंसी यानी सरकार के प्रति संभावित जन-असंतोष को कम करने के लिए आम आदमी पार्टी 40 से 45 मौजूदा विधायकों के टिकट काटने पर विचार कर सकती है। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि संभावित उम्मीदवारों का मूल्यांकन उनकी क्षेत्रीय सक्रियता, जनता के बीच लोकप्रियता और आंतरिक सर्वेक्षणों के आधार पर किया जा रहा है। पार्टी नए चेहरों को मौका देने के साथ-साथ उन नेताओं को भी बनाए रखना चाहती है, जिनका प्रदर्शन बेहतर रहा है। इस रणनीति का उद्देश्य संगठन में नई ऊर्जा लाना और चुनाव से पहले संभावित नाराजगी को कम करना है।

विपक्ष को जवाब देने की रणनीति

पंजाब में विपक्षी दलों की ओर से आम आदमी पार्टी की दोबारा सत्ता में वापसी की संभावनाओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा जल्द करके अपनी चुनावी तैयारी और संगठनात्मक मजबूती का संदेश देना चाहती है। सूत्रों के अनुसार, लगातार दो बार चुनाव जीतने वाले और पार्टी में मजबूत राजनीतिक आधार रखने वाले कुछ नेताओं को पहली सूची में जगह मिल सकती है। इसके जरिए पार्टी अनुभव और संगठनात्मक निरंतरता पर भरोसा जताने के साथ नए चेहरों को भी अवसर देने की कोशिश कर सकती है। हालांकि, अंतिम तस्वीर उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

भगवंत मान का तंज

बैठक के बाद भगवंत मान ने पंजाब में शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी के बीच संभावित गठबंधन को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शून्य को शून्य से गुणा करने पर परिणाम शून्य ही आता है। मान ने दावा किया कि दोनों दलों का राज्य में राजनीतिक प्रभाव कमजोर है। अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया का उल्लेख करते हुए मान ने भाजपा पर निशाना साधा और सवाल उठाया कि मजीठिया पर लगे आरोपों के बीच भाजपा उनके साथ गठबंधन किस आधार पर कर सकती है। मजीठिया नशे से जुड़े मामले में आरोपों का सामना कर चुके हैं। मान की टिप्पणी को संभावित गठबंधन के खिलाफ राजनीतिक हमला माना जा रहा है।

समय से पहले उम्मीदवार उतारने की तैयारी

आम आदमी पार्टी की रणनीति है कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा और आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले ही उम्मीदवारों के नाम सामने आ जाएं। इससे प्रत्याशियों को अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क बढ़ाने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। अब सभी की निगाहें 31 अक्टूबर को होने वाली पीएसी बैठक और उम्मीदवारों की पहली सूची पर टिकी हैं। सूची से यह संकेत भी मिल सकता है कि पार्टी मौजूदा विधायकों पर कितना भरोसा जताती है और कितने नए चेहरों को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है।

Tags:    

Similar News