साधु वासवानी के निधन पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंधी आध्यात्मिक गुरु साधु जे.पी.वासवानी के निधन पर शोक जताया है
नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंधी आध्यात्मिक गुरु साधु जे.पी.वासवानी के निधन पर शोक जताया है। आध्यात्मिक गुरु वासवानी का गुरुवार को पुणे में निधन हो गया।
राष्ट्रपति कोविंद ने एक संदेश में कहा, "हमारे समाज में बहुत ज्यादा योगदान देने वाले आध्यात्मिक गुरु दादा जे.पी. वासवानी के निधन की खबर सुनकर दुखी हूं। उन्होंने अपना जीवन मानवता की भलाई, सरल जीवन, उच्च विचार व शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए समर्पित कर दिया।"
आध्यात्मिक गुरु दादा जे.पी. वासवानी के निधन के बारे में जानकर दु:ख हुआ। उन्होंने समाज की महती सेवा की और अपना जीवन मानवता की बेहतरी, सादा जीवन-उच्च विचार और शिक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उनके असंख्य अनुयायियों के प्रति अपनी शोक-संवेदना प्रेषित करता हूं — राष्ट्रपति कोविन्द pic.twitter.com/iqykUDCMGk
राष्ट्रपति कोविंद ने 99 साल के वासवानी के अनगिनत अनुयायियों के प्रति अपनी संवेदना जताई।
Sad to hear of the passing of Dada J.P. Vaswani, a spiritual leader who contributed so much to our society. He dedicated his life to the betterment of humanity, promoting simple living, high thinking and education. My condolences to his countless followers #PresidentKovind pic.twitter.com/lbRpGSOyQI
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, "दादा वासवानी के निधन दुख को व्यक्त करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं है। वह समाज के लिए जिए और गरीबों व जरूरतमंदों की करुणा के साथ सेवा की। उन्होंने लड़कियों की शिक्षा व स्वच्छता के लिए काफी कार्य किए।"
Dada J.P. Vaswani was a guiding light for me. About 28 years ago, I had the honour of being with him at a world religions conference in USA. His clarity of thought stood out. In 2013 I had visited Pune to inaugurate a nursing college associated with him. pic.twitter.com/w04X63haWS
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह साधु वासवानी के साथ करीब 28 साल पहले विश्व धार्मिक सम्मेलन में शामिल हुए थे।
प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं दादा वासवानी को याद करने वाले उन लाखों लोगों में खुद को शामिल करता हूं, जिनके जीवन को उन्होंने प्रभावित किया है। उनके विचार, शिक्षाएं व सामाज सेवा कायम रहेगी और उनके मूल्यों व कार्यो को उजागर करेगी।"
Dada J.P. Vaswani was a guiding light for me. About 28 years ago, I had the honour of being with him at a world religions conference in USA. His clarity of thought stood out. In 2013 I had visited Pune to inaugurate a nursing college associated with him. pic.twitter.com/w04X63haWS
महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.वी.राव ने कहा कि दादा वासवानी के निधन की खबर से वह बेहद दुखी हैं।
राव ने कहा, "वह विश्व बंधुत्व, शांति व करुणा के प्रतीक थे। अपने व्याख्यान, लेखन व जन सेवा के जरिए उन्होंने लाखों भारतीयों व विदेशी लोगों को सार्थक जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित किया।"
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि देश ने अपना एक महान बेटा खो दिया।
साधु वासवानी का पुणे में एसवीएम में निधन हो गया। वह कुछ दिनों से बीमार थे। तीन हफ्ते के बाद उनका सौवां जन्मदिन था जिसे बड़े पैमाने पर मनाने की तैयारी हो रही थी।