दंतेवाड़ा में जिला पीपीएम समन्वयक भर्ती प्रक्रिया में घोटाला
मगरलोड ! दंतेवाड़ा में जिला पीपीएम समन्वयक भर्ती प्रक्रिया नियम के विरूद्ध होने का संदेह करते हुए प्रार्थी किशन लाल साहू कमरौद ंतहसील मगरलोड जिला धमतरी;
प्रार्थी ने कलेक्टर दंतेवाड़ा से की न्याय की मांग
मगरलोड ! दंतेवाड़ा में जिला पीपीएम समन्वयक भर्ती प्रक्रिया नियम के विरूद्ध होने का संदेह करते हुए प्रार्थी किशन लाल साहू कमरौद ंतहसील मगरलोड जिला धमतरी ने कलेक्टर दन्तेवाड़ा को लिखित शिकायत करते हुए बताया कि भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण रूप से घोटाला कर मेरिट सूची जारी की गयी है। उन्होनें कलेक्टर से वांछित योग्यता के आधार पर पात्र अभ्यर्थी की नियुक्ति करने की मांग की है।
राष्ट्रीय मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छ.ग. रायपुर का पत्र क्र. ध्छभ्डध्2015 छै.947ध्2095 रायपुर दिनांक 27/01/2015 एवं पत्र क्र. ध्छभ्डध्2016ध्1458ध्1716 रायपुर दिनांक 07/11/2017 के परिपालन में त्व्च् 2016.17 में स्वीकृति के अनुसार जिला दक्षिण बस्तर दन्तेवाड़ा में एनएचएम के अन्तर्गत रिक्त संविदा पदों के भर्ती के अन्तर्गत डिस्ट्रिक्ट पीपीएम कोऑर्डिनेटर के अनारक्षित 01 पद हेतु वाक-इन-इन्टरव्यू हेतु बिना पात्र/अपात्र सूची जारी किये सभी अभ्यर्थियों को बिना सूचना दिये दिनांक 18/01/2017 को वाक इन इन्टरव्यू के स्थान पर सीधे लिखित परीक्षा लिया गया । जिसमें केवल एक अभ्यर्थी किशन लाल साहू का पात्र सूची में पात्र थे। इस पद पर फिल्ड वर्क के अनुभव चाही गयी थी जो वांछनीय है अन्य किसी भी अभ्यर्थी के पास फिल्ड वर्क का शासकीय संस्थान का अनुभव नहीं होने के कारण केवल किशन लाल साहू इस एकल पद हेतु पात्र हुआ था। लेकिन बाद में अधिकारियों द्वारा अवांछनीय योग्यताधारी मुकेश श्रीवास्तव का एनएचएम दन्तेवाड़ा में डाटा एन्ट्री वर्क का अनुभव के आधार पर इस पद के लिये अपात्र होते हुए भी मेरिट सूची में मान्य कर प्रथम स्थान पर नाम दर्शित किया गया है जो नियम के विरूद्ध है। बताया जा रहा है संस्था में कार्यरत होने के कारण अवांछनीय योग्यता होने पर भी भर्ती नियम में बदलाव करके अधिकारियों द्वारा ही मुकेश श्रीवास्तव की भर्ती इस पद हेतु हो इसलिये नियम में फेर बदल किया गया है। मेरिट सूची में पीपीएम कोआर्डिनेटर के पद के अभ्यर्थियों को 02 मार्च को कौशल परीक्षा का आयोजन किया गया है। जबकि पूर्व विज्ञापन में इसकी सूचना नही दी गयी थी इस दृष्टिकोण से ज्ञात होता है कि मुकेश श्रीवास्तव को चयन करने के लिये ही यह नियम बनाया गया है। क्योंकि वह वहीं डाटा एन्ट्री ऑपरेटर के पद पर नियुक्त है। जबकि विज्ञापन में पोस्ट ग्रेजुएट एव फिल्ड वर्क का अनुभव मांगा गया था, कम्यूटर की कोई सर्टिफिकेट नहीं मंगा गया था।
प्रार्थी किशनलाल साहू पात्र अभ्यर्थी ने भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण रूप से घोटाला कर मेरिट सूची जारी की गयी है इसके विरूद्ध वह अजय चंन्द्राकर स्वास्थ्यमंत्री छत्तीसगढ़ एवं कलेक्टर दन्तेवाड़ा को इस प्रक्रिया की सम्पूर्ण शिकायत कर दिया है। इसके साथ ही वह राज्यपाल, मुख्यमंत्री व हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर करने की बात कही।