क्या है लाल किले से पीएम मोदी का नया ऐलान: "सप्त धारा"

पीएम नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर अपनी सरकार के नए विजन "सप्त धारा" की घोषणा की. उन्होंने विद्यार्थियों को मुफ्त कोचिंग, "नक्सल मुक्त भारत" और ओलंपिक खेल 2036 के लिए भारत की दावेदारी का जिक्र भी किया;

Update: 2026-08-17 18:27 GMT

पीएम नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर अपनी सरकार के नए विजन "सप्त धारा" की घोषणा की. उन्होंने विद्यार्थियों को मुफ्त कोचिंग, "नक्सल मुक्त भारत" और ओलंपिक खेल 2036 के लिए भारत की दावेदारी का जिक्र भी किया.

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया. करीब सवा घंटे लंबे अपने संबोधन में मोदी ने अपकी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया और भविष्य की नीतियों से जुड़े नए ऐलान किए. उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग, रक्षा उत्पादन और बिजली उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया. साथ ही, देश में सेमीकंडक्टर उद्योग और परमाणु ऊर्जा को बढ़ावा देने की घोषणा की. इसके अलावा, 'भारत को हथियारबंद नक्सलों से मुक्त' करने में सफलता हासिल करने की बात कही. उन्होंने वैश्विक बाजार में उर्वरक संकट के बावजूद किसानों को सस्ते में खाद मुहैया करवाने का जिक्र किया. मोदी ने लाल किले से नए विजन के तौर पर "शक्ति की सप्त धारा" का ऐलान किया.

'सप्त धारा' क्या है?

'सप्त धारा' के तहत पीएम मोदी ने सात तरह की 'शक्तियों' का जिक्र किया, जो उनके मुताबिक, 'विकसित भारत' और 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य हासिल करने में मदद करेंगी. मोदी ने कहा, "मैं आज उस युग को भी याद करना चाहूंगा, जब भारत का सामर्थ्य सप्त सिंधु के रूप में हम जानते थे, हम समझते थे, हम सुनते थे और विकसित भारत बनाने के लिए हमें नई धारा चाहिए. आज लाल किले की प्राचीर से मैं देश के सामने शक्ति की इस सप्त धारा का आह्वान करता हूं. आने वाले 5-7 साल में, जो पिछले 5-7 दशक में नहीं हुआ, सप्त धारा के सामर्थ्य से, शक्ति से, हम देश को नई ऊंचाई, नई गति देंगे और नए लक्ष्यों को पार करने वाला सामर्थ्य देंगे."

उन्होंने विनिर्माण क्षमता (मैन्युफैक्चरिंग पावर) को सप्त धारा की पहली शक्ति बताया. मोदी ने कहा कि "डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक, भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का भरोसेमंद केंद्र बनना होगा," और कीमत, गुणवत्ता और उत्पादन स्तर के मामले में वैश्विक मानदंडों पर खरा उतरना पड़ेगा. पीएम ने कृषि और खाद्य उत्पादन को सप्त धारा की दूसरी शक्ति बताया. उन्होंने कहा कि फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट के कारण भारत को एक बहुत बड़ा बाजार मिला है.

एआई और डेटा सेंटर्स पर जोर

मोदी ने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को सप्त धारा की तीसरी शक्ति बताया, जिसमें एआई, स्पेस और डेटा सेंटर्स के क्षेत्र में लीड करने की बात कही. सप्त धारा की चौथी शक्ति को उन्होंने 'गति शक्ति' का नाम दिया. इसके तहत शहरों को हाई स्पीड रेल से जोड़ने, आधुनिक हाइवे बनाने और बंदरगाहों के विकास की बात प्रधानमंत्री ने कही. रक्षा क्षेत्र में बढ़े उत्पादन के मद्देनजर मोदी ने 'रक्षा शक्ति' को सप्त धारा की पांचवीं शक्ति बताया.

ग्रीन इकोनॉमी और ब्लू इकोनॉमी को उन्होंने सप्त धारा की छठी शक्ति बताया. उन्होंने कहा कि भारत को ग्रीन हाइड्रोजन, अक्षय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, ग्रीन मोबिलिटी और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग में वैश्विक स्तर की क्षमता विकसित करनी होगी. इसके अलावा उन्होंने फिशरीज और तटीय पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही.

"भारत की सॉफ्ट पावर" को मोदी ने सप्त धारा की आखिरी शक्ति बताया. उन्होंने कहा, "हैंडीक्राफ्ट हो, संस्कृति हो, हमारी फिल्में हों, हमारा क्रिएटिव वर्ल्ड हो, वीएफएक्स हो, हमारा एनीमेशन हो, हमारे गेमिंग हो, डिजिटल कंटेंट हो, क्रिएटिव वर्ल्ड के अंदर भारत अपना रुतबा दिखा सकता है."

विद्यार्थियों को मुफ्त कोचिंग

देश की शिक्षा व्यवस्था से नाखुश छात्रों के ताजा आंदोलनों के बाद केंद्र सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग देने का फैसला किया है. पीएम मोदी ने लाल किले से कहा, "परिवार पर आर्थिक बोझ न आए, इसलिए हमने युवाओं के लिए विभिन्न परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग करने का निर्णय किया है. डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर है, हमारे पास उत्तम टैलेंट है, टीचर्स हैं, उन संसाधनों को जोड़ करके हम देश के नौजवानों को फ्री कोचिंग देने का एक पूरा नेटवर्क हम खड़ा करने वाले हैं"

हथियारबंद नक्सलों के बाद "दिमागी नक्सल"

नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की रणनीति का जिक्र करते हुए मोदी ने लाल किले से कहा,"नक्सलवाद, माओवाद ने लाखों युवाओं के भविष्य को तबाह कर दिया." नक्सलवाद से जुड़ी एक नई शब्दावली देते हुए मोदी ने कहा, "हथियारी नक्सल तो गए, लेकिन दिमागी नक्सल, यह दिमागी नक्सल मौके की तलाश में है. हिंसा अराजकता के वे रास्ते खोज रहे हैं. समाज को गलत राह पर घसीटने के लिए भांति-भांति के दांव कर रहे हैं. इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा. इन दिमागी नक्सलियों को आइसोलेट (अलग थलग) करना होगा और राष्ट्र को विकसित राष्ट्र बनाने की मुख्यधारा की ओर देश की युवा पीढ़ी को जोड़ना होगा." इससे पहले मोदी "अर्बन नक्सल" और "खान मार्केट गैंग" जैसी शब्दावली इस्तेमाल कर चुके हैं.

ओलंपिक 2036 की दावेदारी

भारत सरकार 2036 में गुजरात में ओलंपिक खेल करवाना चाहती है. प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से कहा, "हम 2036 में ओलंपिक के मजबूत दावेदार बनकर के आगे बढ़ रहे हैं, और 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स को अब भारत होस्ट करने वाला है." मोदी ने युवाओं से उन खेलों में भी हिस्सा लेने की अपील की जिनमें हाल के वर्षों में भारतीय प्रतिनिधित्व नहीं दिखा है. उन्होंने कहा कि ओलंपिक में "करीब 40 प्रकार के गेम होते हैं और करीब 325-350 स्पर्धाएं होती हैं....भारत दो तिहाई खेलों में कहीं होता ही नहीं है." मोदी ने कहा कि ऐसी प्रतिस्पर्धाओं में भारत भी शामिल हो, इसके लिए देशभर में टैलेंट हंट अभियान चलाया जाएगा और 5 से 15 साल तक की प्रतिभाओं को स्पेशल ट्रेनिंग देकर अच्छा खिलाड़ी बनाया जाएगा.

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