राहुल गांधी के खुलासों से घबराई हुई है सरकार - राहुल को सीआरपीएफ के पत्र पर बोले पवन खेड़ा
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सीआरपीएफ की ओर से राहुल गांधी को जारी पत्र को लेकर सरकार पर हमला बोला है। पवन खेड़ा ने कहा है कि राहुल गांधी द्वारा उजागर की गई सच्चाई को लेकर सरकार घबराई हुई है
सीआरपीएफ का राहुल गांधी को पत्र, पवन खेड़ा बोले- सच से घबराई हुई है सरकार
नई दिल्ली। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सीआरपीएफ की ओर से राहुल गांधी को जारी पत्र को लेकर सरकार पर हमला बोला है। पवन खेड़ा ने कहा है कि राहुल गांधी द्वारा उजागर की गई सच्चाई को लेकर सरकार घबराई हुई है।
पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "सीआरपीएफ के पत्र का समय और उसका तुरंत सार्वजनिक रूप से जारी होना परेशान करने वाले सवाल खड़े करते हैं। यह ठीक ऐसे समय में आया है, जब राहुल गांधी चुनाव आयोग की मिलीभगत से भाजपा द्वारा की जा रही वोट चोरी के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "क्या यह विपक्ष के नेता को डराने की एक छिपी हुई कोशिश है, जिन्होंने पहले ही एक और खुलासे की घोषणा कर दी है?"
उन्होंने अपने 'एक्स' पोस्ट के जरिए आगे सवाल उठाया, "क्या सरकार राहुल गांधी की ओर से उजागर किए जाने वाले सच से घबराई हुई है?"
दरअसल, सीआरपीएफ प्रमुख ने लिखे पत्र में राहुल गांधी पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन न करने और कई मौकों पर उनका उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि रायबरेली के सांसद, वीवीआईपी प्रोफाइल वाले एक राजनीतिक व्यक्ति होने के बावजूद, अपनी सुरक्षा को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
पत्र में कथित तौर पर कहा गया है, "पिछले 9 महीनों में राहुल ने 6 विदेशी दौरों के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया। ये सभी 6 विदेशी दौरे सुरक्षा एजेंसी को सूचित किए बिना किए गए, जिसके कारण सुरक्षा एजेंसी को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।"
यह घटनाक्रम राहुल गांधी के रायबरेली दौरे के दौरान सुरक्षा उल्लंघन के बाद सामने आया है, जहां से वे लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
बुधवार को अपने दौरे के दौरान, कांग्रेस सांसद को भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा, जिन्होंने राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया और 'राहुल गांधी, वापस जाओ' के नारे लगाए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने की कोशिश की, लेकिन राहुल का काफिला लगभग 15 मिनट तक राजमार्ग पर फंसा रहा। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस हुई और पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के बाद ही राहुल का काफिला आगे बढ़ सका।