मप्र : थानों में एससी/एसटी वर्ग के लोगों से अभद्रता को लेकर पुलिस कटघरे में

मध्य प्रदेश के पुलिस थानों में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जन जाति (एससी/एसटी) वर्ग के लोगों के साथ होने वाली अभद्रता और मारपीट की घटनाओं ने पूरे पुलिस महकमे को ही कटघरे में खड़ा कर दिया

Update: 2019-11-06 16:42 GMT

भोपाल। मध्य प्रदेश के पुलिस थानों में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जन जाति (एससी/एसटी) वर्ग के लोगों के साथ होने वाली अभद्रता और मारपीट की घटनाओं ने पूरे पुलिस महकमे को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस तरह के मामलों को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा संज्ञान में लिए जाने के बाद पुलिस विभाग के मुखिया ने अधीनस्थों को निर्देश दिए है कि विधि संगत आवश्यक होने पर ही इस वर्ग के लोगों को हिरासत में लिया जाए। सूात्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ समय में अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लोगों के साथ पुलिस थानों में अभद्रता और मारपीट किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। इस वजह से राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद राज्य के पुलिस महानिदेशक वी.के. सिंह ने सभी पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

डीजीपी सिंह ने सोमवार को भोपाल व इंदौर के उप महानिरीक्षक और सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किए कि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के व्यक्ति को विधि संगत आवश्यक होने पर ही हिरासत में लिया जाए और थाने में उनके साथ किसी तरह का अभद्र व्यवहार और मारपीट न की जाए। भारतीय संविधान एवं विधि के अधीन किसी व्यक्ति को व्यक्तिगत स्वतंत्रता से केवल विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के माध्यम से ही वंचित किया जा सकता है।

डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस वर्ग के किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी विधि के सुसंगत प्रावधान और प्रक्रिया का पूर्ण रूप से पालन करते हुए ही की जाए, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित व्यक्ति से थाने में अभद्र व्यवहार और मारपीट न हो।

पुलिस प्रमुख के इस आदेश से आशय निकाले जा रहे हैं कि राज्य की पुलिस थाने में आने वाले आरोपी से उसकी जाति पूछेगी और उसी के आधार पर बर्ताव करेगी।
 

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