जनता ने योगी को कर्नाटक में राजनीति के लिए नहीं यूपी की समस्याओं के लिए चुना है: अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने योगी को कर्नाटक में राजनीति के लिए नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश की समस्याओं के
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने योगी को कर्नाटक में राजनीति के लिए नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश की समस्याओं के समाधान के लिए चुना है। अखिलेश ने कहा कि उन्हें कर्नाटक चुनाव प्रचार छोड़कर वापस आ जाना चाहिए।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा,"योगी को कर्नाटक का चुनाव प्रचार छोड़कर तुरंत उत्तर प्रदेश वापस आना चाहिए था। जनता ने उन्हें अपने प्रदेश की समस्याओं के समाधान के लिए चुना है, न कि कर्नाटक में राजनीति के लिए। इन हालातों में भी अगर वो वापस नहीं आते हैं तो फिर हमेशा के लिए अपना मठ वहीं बना लें।"
CM को कर्नाटक का चुनाव प्रचार छोड़कर तुरंत यूपी वापस आना चाहिए था. जनता ने उन्हें अपने प्रदेश की समस्याओं के समाधान के लिए चुना है, नाकि कर्नाटक की राजनीति के लिए. इन हालातों में भी अगर वो वापस नहीं आते हैं, तो फिर वो हमेशा के लिए अपना मठ वहीं बना लें. @CMOfficeUP
अखिलेश ने कहा, "प्रदेश में आंधी-तूफान से 64 लोगों की मौत अत्यंत दुखद है। मैं हर प्रदेशवासी व अपने कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वो जरूरतमंदों की हरसंभव मदद करने के लिए आगे आएं। हमारे प्रदेश के लिए संकट का समय है, हम सबको मिलकर खड़ा होना होगा।"
प्रदेश में आँधी-तूफ़ान से 64 लोगों की मृत्यु अत्यंत दुखद है! मैं हर प्रदेशवासी और अपने कार्यकर्ताओं से अपील करता हूँ कि वो ज़रूरतमंदों की हर संभव मदद करने के लिए आगे आएँ. ये हमारे प्रदेश के लिए संकट का समय है, हम सबको मिलकर खड़ा होना होगा.
अखिलेश यादव ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा, "अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों पर लाठीचार्ज करवाना किस तरह की राजनीति है। कम से कम शिक्षा के क्षेत्र को तो राजनीतिक आग में नहीं झोंके।"
AMU के छात्रों पर लाठीचार्ज करवाना किस तरह की राजनीति है. कम से कम शिक्षा के क्षेत्र को तो राजनीतिक आग में नहीं झोंकना चाहिए. पुलिस ने जिस प्रकार अपनी भूमिका निभायी है उससे लगता है कि इस सरकार में पुलिस सबके लिए न होकर कुछ ख़ास लोगों के लिए ही सक्रिय होने को मजबूर है.