महाराष्ट्र में मतदान केंद्र तक जाने के लिए लोगों ने बनाया अस्थायी पुल

महाराष्ट्र में सतारा जिले के एक गांव के मतदाताओं में लोकतंत्र के सबसे बड़े महापर्व का हिस्सा बनने के लिए गजब का उत्साह देखने को मिला

Update: 2019-10-21 22:42 GMT

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सतारा जिले के एक गांव के मतदाताओं में लोकतंत्र के सबसे बड़े महापर्व का हिस्सा बनने के लिए गजब का उत्साह देखने को मिला। यहां कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद मतदान केंद्र के पास पानी व कीचड़ जमा था, जिससे पार पाने के लिए लोगों ने ट्रैक्टर व ट्राली की मदद से एक पुल बना डाला। मतदाता इस पुल से होकर मतदान केंद्र पहुंचे और वोट डालकर अपना कर्तव्य निभाया।

पिछले कुछ दिनों से पुणे क्षेत्र में भारी बारिश के कारण फल्टन तालुका के कांबलेश्वर गांव में जलभराव हो गया। सोमवार को 288 विधानसभा सीटों के लिए मतदान शुरू हुआ और मौसम में भी सुधार हो गया, मगर गांव में पानी व कीचड़ अभी भी जमा था।

इस स्थिति पर काबू पाने के लिए जिला मुख्यालय सतारा से 71 कि. मी. और मुंबई से 232 कि.मी. दूर स्थित कांबलेश्वर में ग्रामीणों ने एक राजकीय प्राथमिक विद्यालय में बनाए गए मतदान केंद्र तक मतदाताओं को पहुंचाने के लिए छह ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को एक साथ खड़ा कर दिया। इससे एक अस्थायी पुल का निर्माण हुआ और मतदाता यहां से होकर मतदान केंद्र तक पहुंच पाए।

वोट डालने के लिए ग्रामीणों के इस उत्साह ने चुनाव आयोग का भी ध्यान अपनी ओर खींचा और आयोग की प्रवक्ता ने ट्विटर पर मतदाताओं द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे पुल की तस्वीर को साझा किया।

चुनाव आयोग की प्रवक्ता शेफाली शरण ने ट्विटर पर तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "भारी बारिश के बावजूद मतदाताओं को उपलब्ध नए साधनों से सुविधा मिल रही है! मतदान केंद्र 351 और 352। कांबलेश्वर गांव, महाराष्ट्र।"

शेफाली ने हिंदी में ट्वीट किया, "पुणे ग्रामीण कांबलेश्वर गांव का ये नजारा है, जहां पोलिंग बूथ के आसपास दो दिनों की भारी बारिश की वजह से पानी जमा हो जाने से मतदाताओं का जाना मुश्किल हो गया था। ऐसे में प्रशासन ने छह ट्रैक्टर की ट्रॉलियां जोड़कर एक पुल बनाया और मतदाताओं को वोटिंग करने पोलिंग बूथ पर जाना आसान हो गया।"

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