महाराजा अनंगपाल तोमर पर चित्रकला कार्यशाला, राष्ट्रपति ने की प्रशंसा
दिल्ली के संस्थापक महाराजा अनंगपाल तोमर द्वितीय की स्मृति में एक चित्रकला कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है
नई दिल्ली। दिल्ली के संस्थापक महाराजा अनंगपाल तोमर द्वितीय की स्मृति में एक चित्रकला कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। महाराजा अनंगपाल तोमर द्वितीय पर यह दो दिवसीय कार्यशाला राष्ट्रीय संस्मारक प्राधिकरण ने आयोजित करवाई। आठ प्रसिद्ध चित्रकार महाराजा अनंगपाल द्वितीय के जीवन को कैनवास पर उतार रहे हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने महाराजा अनंगपाल तोमर के जीवन पर आयोजित की गई इस चित्रकला कार्यशाला की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि मुझे यह जानकर खुशी हुई कि राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण दिल्ली के संस्थापक महाराजा अनंगपाल तोमर पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन कर रहा है। दिल्ली में एक समृद्ध ऐतिहासिक विरासत है। इंद्रप्रस्थ, ढिल्लिका और तोमर राजाओं तक दिल्ली का समृद्ध इतिहास है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दिल्ली के स्वर्णिम इतिहास और महाराजा अनंगपाल तोमर के जीवन पर आयोजित किए गए इस कार्यक्रम को लेकर कहा कि मुझे आशा है कि यह संगोष्ठी सभी हितधारकों को एक साथ एक मंच पर लाएगी। यह कार्यक्रम ऐतिहासिक ज्ञान को समृद्ध करेगा। हमारे विभिन्न इतिहास और पुरातत्व पहलुओं पर चिंतन और गौरवशाली अतीत के बारे में लोगों की जानकारी बढ़ाने का काम करेगा।
राष्ट्रपति ने कहा कि अपनी स्थापना के बाद से, राष्ट्रीय (मोन्यूमेंट) स्मारक प्राधिकरण एक राष्ट्रीय गौरवशाली संस्था के रूप में उभरा है। यह स्मारकों और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों की की रक्षा और संरक्षण के लिए काम कर रहा है।
राष्ट्रीय संस्मारक प्राधिकरण के अध्यक्ष तरुण विजय का कहना है कि लगभग 900 साल बाद दिल्ली के संस्थापक महाराजा अनंगपाल तोमर द्वितीय का इस तरह स्मरण और उनकी याद में ऐसा आयोजन किया जा रहा है।
वहीं दिल्ली के संस्थापक महाराजा अनंगपाल के बारे में जानकारी देते हुए पुरातत्वशास्त्री बृजबासी लाल का कहना है कि इंद्रप्रस्थ के आंचल में ढिल्लिकापुरी बसी, फली-फूली और आज तक चली आ रही है।