किसानों की आय दोगुना करना हमारी प्राथमिकता,सब्जी उत्पादक क्षेत्रों में बनेंगे कोल्ड स्टोरेज- डॉ. रमन

रायपुर ! मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा आयोजित राज्य ऋण संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए;

Update: 2017-02-04 22:30 GMT

रायपुर !   मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा आयोजित राज्य ऋण संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करना केंद्र एवं राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इस चुनौतीपूर्ण लक्ष्य को हासिल करने के लिये कृषि क्षेत्र में ऋण का प्रवाह बढ़ाने के साथ-साथ डेयरी, उद्यानिकी, मत्स्यपालन, पोल्ट्री और पशुपालन व्यवसाय को भी बढ़ावा देना आवश्यक है। फसलों की पैदावार बढ़ाने सिंचाई के लिये उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर तरीके से इस्तेमाल सुनिश्चित करना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में फल एवं सब्जी उत्पादक क्षेत्रों की पहचान कर वहां कोल्ड स्टोरेज चैन बनाई जाएगी। कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विशेष रूप से प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में अगले 24 महीनों में इसके लिए कार्ययोजना बनाकर तेजी से कार्य करें, जिससे आने वाले समय में सब्जी उत्पादक किसानों को सडक़ पर आने की जरूरत न पड़े। डॉ. सिंह ने कहा कि फल एवं सब्जी उत्पादक किसानों को मार्केटिंग की बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए भी गंभीर प्रयास किए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश के कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर केन्द्रित नाबार्ड द्वारा वर्ष 2017-18 के लिये तैयार किये गए ‘स्टेट फोकस पेपर’ का भी विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिये प्रदेश में कई स्तरों पर प्रयास किये जा रहे हैं। दूरस्थ क्षेत्रों में जहां खेतों तक बिजली नहीं पहुंच पाई है, वहां सौर सुजला योजना के अंतर्गत सोलर पंप स्थापित कर सिंचाई सुविधा दी जा रही हैं। आगामी तीन वर्षों में सौर सुजला योजना के अंतर्गत 51 हजार सोलर पंप स्थापित किये जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि एवं सहायक गतिविधियों के विकास में नाबार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। नाबार्ड द्वारा संचालित बाड़ी विकास कार्यक्रम सफल रहा है इसे व्यापक स्तर पर किये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड द्वारा लघु एवं सीमांत किसानों को लाभान्वित किया जाए ताकि वे प्रोत्साहित हों और उनकी क्षमता बढ़े।
इस अवसर पर कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं राज्य के कृषि उत्पादन आयुक्त अजय सिंह ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश में कृषि क्षेत्र और ग्रामीण अधोसंरचना विकास में राज्य सरकार के साथ नाबार्ड महत्वपूर्ण सहयोगी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 75 प्रतिशत जनसंख्या कृषि पर आधारित है। स्थानीय जरूरतों के हिसाब से कृषि क्षेत्र को विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।
नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डॉ. आर.एम. कुम्मुर ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिये विभिन्न सेक्टर में ऋण का प्रवाह जरूरी है। उन्होंने प्रदेश में फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिये जलग्रहण क्षेत्र विकास कार्यक्रम चलाने पर बल दिया।  
नाबार्ड द्वारा पॉयलट तौर पर 17 वाटरशेड परियोजना संचालित किये जा रहे हैं, जिनमें लगभग 55 हजार आदिवासी परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। इस अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक के रायपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय की निदेशक सुश्री सरस्वती श्याम प्रसाद ने भी अपने विचार प्रकट किए। संगोष्ठी में राज्य अपेक्स बैंक के अध्यक्ष  अशोक बजाज और छत्तीसगढ़ के वित्त सचिव  अमिताभ जैन सहित विभिन्न बैंकों के पदाधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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