दो से तीन प्रतिशत आबादी ही होती है कोरोना संक्रमित : डब्ल्यूएचओ
दुनिया के विभिन्न हिस्सों में किये गये शुरुआती अध्ययनों में पता चला है कि किसी भी इलाके में मात्र दो से तीन प्रतिशत आबादी ही कोरोना वायरस ‘कोविड-19’ के संक्रमण का शिकार होती
जिनेवा/नयी दिल्ली । दुनिया के विभिन्न हिस्सों में किये गये शुरुआती अध्ययनों में पता चला है कि किसी भी इलाके में मात्र दो से तीन प्रतिशत आबादी ही कोरोना वायरस ‘कोविड-19’ के संक्रमण का शिकार होती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक डॉ. तेद्रोस गेब्रियेसस ने सोमवार को कोविड-19 पर नियमित प्रेसवार्ता में यह बात कही। उन्होंने लोगों के शरीर में एंटीबॉडी का पता लगाने वाले अध्ययनों का हवाला देते हुये कहा “इनमें से कुछ अध्ययनों से प्राप्त शुरुआती आँकड़े बताते हैं कि तुलनात्मक रूप से आबादी का एक छोटा सा हिस्सा ही इससे प्रभावित होता है। (कोरोना वायरस से) ज्यादा प्रभावित इलाकों में भी आबादी के दो-तीन प्रतिशत से अधिक संक्रमित नहीं होता।”
उन्होंने कहा कि एंटीबॉडी जाँच से हमें यह समझने में मदद मिलती है कि आबादी किस हद तक वायरस से संक्रमित है। डब्ल्यूएचओ दुनिया भर में इस तरह के सर्वेक्षणों के लिए तकनीकी, वैज्ञानिक एवं वित्तीय मदद उपलब्ध करा रहा है।