चहेतों को उपकृत करने नियम-कायदे ताक पर  

एसईसीएल बलगी परियोजना में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है....;

Update: 2017-04-16 12:37 GMT

कोरबा। एसईसीएल बलगी परियोजना में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है। यहां के अधिकारी सेटिंग के माध्यम से कर्मचारियों को उपकृत करते हुए उनके मन माफिक काम देकर इसके एवज में उगाही करने में लगे हुए हैं। यह भर्राशाही लंबे समय से चल रही है किन्तु उच्च अधिकारी संज्ञान नहीं ले रहे। इसकी शिकायत कोरबा सहित दिल्ली तक करते हुए कार्यवाही की मांग की गई है। एसईसीएल कोरबा क्षेत्र अंतर्गत संचालित बल्गी भूमिगत खदान में कार्यरत कुछ चुनिंदा कर्मचारियों पर सब एरिया मैनेजर और एक इंजीनियर की मेहरबानी बनी हुई है।

परियोजना में बहुत से कर्मचारी ऐसे हैं जो भूमिगत भत्ता तो ले रहे हैं पर सरफेस में ही घूम रहे हैं। इस संबंध में केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल को प्रेषित शिकायत में बल्गी बचाओ संघर्ष समिति की ओर से बताया गया है कि चंदु लाल पिता झमनलाल इलेक्ट्रिकल हेल्पर केटेगरी-2 भूमिगत खदान में कार्यरत हैं जबकि चंदुलाल से सरफेस में कार्य लिया जा रहा है। ज्ञात हुआ है कि विगत 12-13 वर्षों से चंदुलाल की सेटिंग सब एरिया मैनेजर के साथ है तथा वह उन्हें हर माह 10 हजार रुपये पेमेंट करता है, इसी के एवज में उसे सरफेस में आफिसियल कार्य दिया गया है।

इसके अलावा वेदराम पिता हरिचरण, मैकेनिकल फिटर भी भू-खदान में कार्यरत है। इसकी भी सेटिंग इंजीनियर बर्नवाल के साथ है। आरोप है कि इसी सेटिंग के तहत इंजीनियर ने वेदराम को वर्कशॉप में कार्य पर रखवाया है। इंजीनियर द्वारा भी वेदराम के साथ 10 हजार रुपये महीना का लेन-देन होता है। ये सब तो कर्मचारी हैं जो ऊपर में रहने के लिए अधिकारियों के साथ सेटिंग किये हुए हैं। इसी तरह सुरेश राठौर बलगी परियोजना में फोरमैन के रुप में कार्यरत है जो रोजाना अपने मातहत 5-6 कर्मचारियों को छुट्टी देता है और प्रति कर्मचारी 500-1000 रुपये वसूलता है।

 इस तरह के गंभीर आरोप की जानकारी केन्द्रीय सतर्कता आयोग नई दिल्ली, केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो भिलाई, एसईसीएल बिलासपुर के सीएमडी, कोरबा क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक एवं एसईसीएल बल्गी-सुराकछार के उप क्षेत्रीय प्रबंधक को देते हुए वर्षों से व्याप्त भ्रष्टाचार पर उचित कार्यवाही का आग्रह संघर्ष समिति ने किया है। 


 

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