असम में एनआरसी का फाइनल ड्राफ्ट जारी,  40 लाख लोगों की नागरिकता अवैध

असम में आज कड़ी सुरक्षा के बीच नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स के अंतिम मसौदे को जारी कर दिया गया

Update: 2018-07-30 13:59 GMT

नई दिल्ली।  असम में आज कड़ी सुरक्षा के बीच नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स के अंतिम मसौदे को जारी कर दिया गया। मसौदे के मुताबिक 2 करोड़ 89 लाख 83 हजार 677 लोगों को वैध नागरिक मान गया है जबकि 40 लाख की नागरिकता अवैध है।

अब इन लोगों को घर से बेघर होना पड़ेगा हालांकि एनआरसी के राज्य समन्वयक की ओर से कहा गया कि जिनका नाम इस ड्राफ्ट में नहीं है, वो घबराए नहीं बल्कि वह अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। 

बांग्लादेश की सीमा से लगा असम देश में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स रखने वाला एकमात्र राज्य है जिसके तहत अवैध प्रवासियों की पहचान की जाती है। आज इसी एनआरसी के अंतिम मसौदे को जारी किया गया जिसके तहत 3.29 करोड़ आवेदकों में से 22 करोड़ 89 लाख 83 हजार 677 नागरिक वैध हैं जबकि 40 लाख की नागरिता को अवैध पाया गया है। 

असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के अधिकारी प्रतीक हाजेला ने कहा कि एनआरसी की सूची में उन सभी भारतीय नागरिकों के नाम-पते और तस्वीर है जो 25 मार्च, 1971 से पहले से असम में रह रहे हैं। मसौदा में जिनके नाम मौजूद नहीं होंगे उनके दावों की गुंजाइश होगी उन्हें सेवा केंद्रों में फॉर्म को भरना होगा। यह फॉर्म 7 अगस्त से 28 सितंबर के बीच उपलब्ध होंगे। वहीं मसौदे के जारी होने से पहले सीएम सर्बानंद सोनोवाल ने कहा था कि लोगों को इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। असम सरकार एनआरसी सूची में नाम ढूंढने में लोगों की मदद करेगी। 

आपको बता दें कि एनआरसी का पहला ड्राफ्ट दिसंबर 2016 में जारी हुआ था। पहले ड्राफ्ट में 3.29 करोड़ आवेदकों में से 1.9 करोड़ लोगों के नाम शामिल किए गए थे। इस मसौदे को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में अपडेट किया जा रहा है।

वहीं आज कड़ी सुरक्षा के बीच अतंमि मसौदा जारी किया गया। केंद्र ने असम और पड़ोसी राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 220 कंपनियों को भेजा है।  असम के 7 जिलों- बारपेटा, दरांग, दीमा, हसाओ, सोनितपुर, करीमगंज, गोलाघाट और धुबरी में धारा 144 लगा दी गई है। 

 

Tags:    

Similar News