अरुणाचल बनेगा भारत का हाइड्रोपावर हब, 52 हजार करोड़ रुपए की नई परियोजनाओं को मंजूरी
अरुणाचल प्रदेश भारत के प्रमुख जलविद्युत केंद्र के रूप में उभर रहा है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि 30,071 करोड़ रुपए की लागत से विकसित 2,000 मेगावाट की सुबनसिरी लोअर हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना की चार इकाइयों को चालू कर दिया गया है, जबकि बाकी इकाइयों को भी जल्द शुरू किए जाने की उम्मीद है।;
ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश भारत के प्रमुख जलविद्युत केंद्र के रूप में उभर रहा है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि 30,071 करोड़ रुपए की लागत से विकसित 2,000 मेगावाट की सुबनसिरी लोअर हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना की चार इकाइयों को चालू कर दिया गया है, जबकि बाकी इकाइयों को भी जल्द शुरू किए जाने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य में पांच अतिरिक्त जलविद्युत परियोजनाओं के लिए 52,000 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश को मंजूरी दी गई है।
इन परियोजनाओं से लगभग 4,000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन होने की उम्मीद है। इससे भारत की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता मजबूत होगी और देश को नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू की अध्यक्षता में हुई अरुणाचल प्रदेश कैबिनेट ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 7 अक्टूबर को सरकार प्रमुख के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे होने पर करोड़ों भारतीयों के साथ इस उपलब्धि का जश्न मनाया।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और 26 मई 2014 से भारत के प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सेवा दे रहे हैं। 9 जून 2024 से शुरू हुआ उनका लगातार तीसरा कार्यकाल उनके नेतृत्व में लोगों के गहरे विश्वास को दर्शाता है।
कैबिनेट ने अरुणाचल प्रदेश में हुए महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा विकास पर भी संतोष व्यक्त किया।
अधिकारी ने बताया कि सेला और नेचीफू सुरंगों ने सभी मौसमों में बेहतर संपर्क सुविधा उपलब्ध कराई है, रणनीतिक आवाजाही को मजबूत किया है और पर्यटन को बढ़ावा दिया है।
राज्य का पहला ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा डोनी पोलो एयरपोर्ट हर साल 10 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है, जबकि तेजू हवाई अड्डे को नए टर्मिनल भवन के साथ उन्नत किया गया है।
अधिकारी ने बताया कि वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के तहत पहले चरण में 11 जिलों के 455 गांवों का चयन किया गया है। 126 सीमावर्ती गांवों को जोड़ने के लिए 2,205 करोड़ रुपए की लागत वाली 1,022 किलोमीटर लंबी सड़कों को मंजूरी दी गई है।
दूसरे चरण में म्यांमार और भूटान सीमा से लगे 122 और गांवों को शामिल किया गया है, जिससे सीमावर्ती समुदाय विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा में भागीदार बन रहे हैं।
राज्य कैबिनेट ने अरुणाचल प्रदेश की समृद्ध स्वदेशी, जनजातीय और बौद्ध विरासत, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण, पहचान और प्रचार में सहयोग के लिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
राज्य के 20 स्वदेशी उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग मिल चुके हैं।
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री मोदी का विशेष आभार जताया कि उन्होंने 22 सितंबर 2025 को ईटानगर दौरे के दौरान अगली पीढ़ी के जीएसटी 2.0 सुधारों और जीएसटी बचत उत्सव की शुरुआत की थी।
बयान के अनुसार, राज्य ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 100 प्रतिशत संतृप्ति हासिल की है, जिससे 8.57 लाख से अधिक लाभार्थियों को लाभ मिला है।
करीब 55,000 परिवारों को महिलाओं के नाम पर पक्के मकान दिए गए हैं, जबकि 2.28 लाख घरों को नल के जरिए पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश जल जीवन मिशन के तहत 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने वाला पूर्वोत्तर का पहला राज्य बन गया है।
2.26 लाख से अधिक परिवार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) और मुख्यमंत्री आरोग्य अरुणाचल योजना (सीएमएएवाई) के दायरे में हैं, जिनके तहत प्रति परिवार सालाना 5 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध है।
अरुणाचल प्रदेश के 1.14 लाख से अधिक किसानों को पीएम-किसान योजना में शामिल किया गया है और उनके बैंक खातों में 150 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे भेजी गई है।
लगभग एक लाख महिलाओं को 15,999 स्वयं सहायता समूहों में संगठित किया गया है। इनमें से 16,000 से अधिक महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं, जबकि 36,000 अन्य महिलाओं की पहचान इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए की गई है।
केंद्रीय बजट 2026-27 में अरुणाचल प्रदेश समेत पूर्वोत्तर के छह राज्यों में बौद्ध पर्यटन सर्किट विकसित करने की योजना की घोषणा की गई है। वहीं, ज्ञान भारतम मिशन के तहत दुर्लभ पांडुलिपियों और चिकित्सा संबंधी प्राचीन दस्तावेजों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है।
राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के तहत अरुणाचल प्रदेश को प्राइड ऑफ हिल्स घटक के अंतर्गत 4,900 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
राज्य कैबिनेट ने इन उपलब्धियों को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
बयान में कहा गया कि कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई दी, उनके समर्पित जनसेवा जीवन के लिए आभार व्यक्त किया और एक समृद्ध, सुरक्षित, आत्मनिर्भर तथा विकसित भारत के निर्माण के लिए उनके मार्गदर्शन में कार्य करने का संकल्प दोहराया।