सहारनपुर में अब हरे-नीले के साथ लाल-काला डस्टबिन भी होगा किचन में

सहारनपुर में अब हर घर में हरे, नीले, लाल और काले चार डस्टबिन रखने होंगे। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2016 में संशोधन के बाद नगर निगम ने कचरा पृथक्करण को लेकर जागरूकता अभियान शुरू किया है।;

Update: 2026-06-01 09:04 GMT

सहारनपुर। स्वच्छता और बेहतर कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए अब घरों में केवल हरे और नीले नहीं, बल्कि लाल और काले रंग के डस्टबिन का भी उपयोग करना होगा। भारत सरकार द्वारा अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2016 में किए गए संशोधनों के तहत प्रत्येक परिवार को चार श्रेणियों में कचरे का पृथक्करण करना अनिवार्य किया गया है।

इसी उद्देश्य से सहारनपुर नगर निगम में आईटीसी मिशन सुनहरा कल और उमंग सुनहरा कल के सहयोग से चार डस्टबिन आधारित कचरा पृथक्करण जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। कार्यक्रम के दौरान विशेष जागरूकता स्टिकर का लोकार्पण किया गया, जिन्हें शहर के घरों की रसोई में लगाया जाएगा।

किचन में लगाए जाएंगे विशेष जागरूकता स्टिकर

कार्यक्रम में अपर नगर आयुक्त मृत्युंजय, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण शाह और पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा ने संयुक्त रूप से स्टिकर का लोकार्पण किया।

अपर नगर आयुक्त मृत्युंजय ने बताया कि इन स्टिकरों में चारों रंगों के डस्टबिन और उनमें डाले जाने वाले कचरे की पूरी जानकारी दी गई है। इसका उद्देश्य नागरिकों को घर के स्तर पर ही कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित करने के लिए प्रेरित करना है। इससे कचरा निस्तारण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पर्यावरण अनुकूल बनेगी।

किस डस्टबिन में जाएगा कौन सा कचरा?

नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण शाह ने बताया कि नए नियमों के तहत:

हरा डस्टबिन: फल-सब्जियों के छिलके, सड़े-गले फल, बगीचे का कचरा और अन्य जैविक अपशिष्ट।

नीला डस्टबिन: कागज, गत्ता, प्लास्टिक, पैकेजिंग सामग्री और अन्य पुनर्चक्रण योग्य कचरा।

लाल डस्टबिन: मास्क, दस्ताने, सैनिटरी पैड, नैपकिन, डायपर और अन्य स्वच्छता संबंधी अपशिष्ट।

काला डस्टबिन: बैटरी, पेंट, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक कचरा और अन्य घरेलू खतरनाक अपशिष्ट।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे चार डस्टबिन प्रणाली को अपनाकर शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने में सहयोग करें।

स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने की पहल

पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा ने कहा कि यह व्यवस्था लोगों में स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण की आदत विकसित करेगी। इससे गीले, सूखे और खतरनाक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण संभव होगा।

उन्होंने कहा कि नगर निगम की यह पहल स्वच्छ सहारनपुर के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाएगी। कार्यक्रम का संचालन उमंग सुनहरा कल के प्रबंधक मयंक पांडेय ने किया।

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