चुनाव आयुक्त ने आप व कांग्रेस की मांग ठुकराई,इलैक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन से होंगे निगम के चुनाव
नई दिल्ली ! दिल्ली विधानसभा में 70 में से 67 सीट जीतने के बाद अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को इन इवीएम मशीनों पर संदेह हो रहा है
नई दिल्ली ! दिल्ली विधानसभा में 70 में से 67 सीट जीतने के बाद अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को इन इवीएम मशीनों पर संदेह हो रहा है इसलिए उन्होंने दिल्ली के नगर निगम चुनाव में ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर से कराए जाने की मांग की है। मुख्यमंत्री अरविंंद केजरीवाल ने इस सिलसिले में चुनाव आयोग को एक पत्र लिखा है तो वहीं चुनाव आयुक्त एसके श्रीवास्तव ने जवाब में कह दिया है इवीएम सुरक्षित है इसके बावजूद सरकार नियम बदले तो प्रबंध किए जा सकते हैं। हालांकि उन्होने साफ किया कि बैलेट पेपर व बैलेट बॉक्स का प्रबंध मुश्किल होगा। एसके श्रीवास्तव ने बताया कि सरकार ने विचार मांगे थे, हमने बताया कि वर्ष 2007, 2012 में व हाल ही में हुए उपचुनाव में भी ईवीएम का प्रयोग किया गया था। मैंने कहा है कि ईवीएम की तैयारी कर ली है और यह सुरक्षित है इसकी जांच की गई है। बता दें कि मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग से मांग की थी कि दिल्ली में निगम चुनाव ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर से कराये जाएं। दरअसल आम आदमी पार्टी समेत कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन ने भी ईवीएम के पक्ष में राय रखी और कहा कि आगामी दिल्ली नगर निगम चुनाव में बैलट पेपर से चुनाव कराए जाएं। कांग्रेस नेता अजय माकन ने ट्वीट कर कहा कि कई लोग ईवीएम से होने वाले चुनाव पर सवाल उठा रहे हैं। जबकि पंजाब में हार के बाद ईवीएम में गड़बडिय़ों से आशंकित केजरीवाल ने यह मांग रखी। बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश में हार के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती भी इवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगा चुकी हैं। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी नगर पालिका और नगर पंचायत के चुनाव बैलेट पेपर से होते हैं इसलिए यहां भी करवाए जा सकते हैं। इस पर दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल जनता को गुमराह करने के लिए निगम चुनाव बैलट पेपर से कराने की मांग करके अपनी गैर जिम्मेदारी का परिचय दे रहे हैं। जब दिल्ली विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी को 67 सीटें प्राप्त हुईं थीं, उस समय आम आदमी पार्टी ने ईवीएम मशीन द्वारा आए मतदान परिणामों पर कोई सवाल क्यों नहीं उठाया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि पहले केजरीवाल इस्तीफा दें फिर बैलेट पेपर से विधानभा चुनाव करवाएं।
इलैक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन में गड़बड़ नहीं असंभव
>> ईवीएम में ऑनलाइन हैक नहीं हो सकती, क्योंकि इंटरनेट कनेक्शन से नहीं जुड़ सकती।
>> किस क्षेत्र में किसी मशीन को भेजना है यह प्रक्रिया तकनीकि तौर पर सुदृढ़ होती है और अंतिम समय तक पोलिंग पार्टी को पता नहीं रहता कि उनके हाथ में कौन सा ईवीएम आने वाला है।
>> सर्वोच्च न्यायलय में ईवीएम से छेड़छाड़ से संबंधित जो भी मामले पहले आये उनमें से किसी भी मामले में सिद्घ नहीं हो पाए।
>> ईवीएम में दो मशीन होती हैं, जिसमें बैलट यूनिट और कंट्रोल यूनिट व इसमें एक तीसरी यूनिट वीवीपीएटी भी जोड़ी है जो सात सेकंड के लिए मतदाता को एक पर्ची दिखाता है जिसमें ये लिखा होता है कि मतदाता ने अपना वोट किस उम्मीदवार को दिया है इससे मतदाता आश्वस्त हो जाता है।
>> वोटिंग के पहले सभी ईवीएम की तीन स्तर पर गोपनीय जांच की जाती है व मतदान शुरू होने से पहले उम्मीदवार के प्रतिनिधियों, पोलिंग पार्टी के सामने मॉक पोलिंग कर जांच होती है संतुष्टï होने पर ही मशीन का इस्तेमाल होता है।
>> मतदान शुरू होने के बाद मतदान केन्द्र में मशीन के पास मतदाताओं के अलावा मतदान कर्मियों के जाने की मनाही होती है, वे ईवीएम के पास तभी जा सकते है जब मशीन की बैट्री डाउन या कोई अन्य तकनीकि समस्या होने पर मतदाता द्वारा सूचित किया जाता है।