बढ़ते प्रदूषण में सिर्फ मास्क काफी नहीं, आयुष मंत्रालय ने बताया क्या करें
देश के कई शहरों में बढ़ता वायु प्रदूषण लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन गया है। ऐसे में भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने बताया कि सिर्फ मास्क पहनना या बाहर कम निकलना पर्याप्त नहीं है
नई दिल्ली। देश के कई शहरों में बढ़ता वायु प्रदूषण लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन गया है। ऐसे में भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने बताया कि सिर्फ मास्क पहनना या बाहर कम निकलना पर्याप्त नहीं है। शरीर को अंदर से मजबूत बनाना और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना बहुत जरूरी है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, आयुर्वेद के सरल और घरेलू उपायों को अपनाकर प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों से खुद को काफी हद तक बचा सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले मौसमी और स्थानीय फल-सब्जियों का सेवन करें। ये ताजा और पौष्टिक होते हैं, जो शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स देते हैं। सर्दियों में संतरा, अमरूद, गाजर, पालक, मूली, शलगम और हरी सब्जियां ज्यादा फायदेमंद हैं।
इसके साथ ही रोजाना अदरक, पिप्पली, हरड़ और बहेड़ा का सेवन करें। ये चारों जड़ी-बूटियां इम्यून सिस्टम को मजबूत करती हैं और सांस की नली को साफ रखती हैं। इन्हें चाय में मिलाकर या चूर्ण के रूप में भी ले सकते हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, गुनगुना पानी पीना न भूलें। इसमें नींबू, शहद या तुलसी की कुछ पत्तियां डालकर पीना और भी अच्छा है। दिन में 2-3 बार हर्बल काढ़ा जरूर पिएं। इसे तुलसी, अदरक, दालचीनी, लौंग, काली मिर्च और गुड़ डालकर बनाया जा सकता है। यह काढ़ा प्रदूषण से होने वाली खांसी, गले की खराश और सर्दी-जुकाम से बचाव करता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात है कि भोजन हमेशा ताजा और गर्म खाएं। ठंडा या बासी भोजन पचने में मुश्किल होता है और इम्युनिटी कमजोर करता है। रोजाना घी, दूध, गुड़ और सूखे मेवे (बादाम, काजू, अखरोट, किशमिश) का सेवन भी करें। घी शरीर को पोषण देता है और प्रदूषण से होने वाली सूजन को कम करता है।
ये उपाय रोजमर्रा की जिंदगी में आसानी से अपनाए जा सकते हैं। साथ ही नियमित व्यायाम, प्राणायाम और पर्याप्त नींद भी इम्यूनिटी बढ़ाने में बहुत मदद करते हैं। अगर कोई पुरानी बीमारी है या दवा ले रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।