'विक्रम-1' की उड़ान से पहले पीएम मोदी बोले- 'यह अंतरिक्ष यात्रा के लिए नया अध्याय', स्काईरूट टीम को दी शुभकामनाएं

स्काईरूट एयरोस्पेस का 'विक्रम-1' और 'मिशन आगमन' श्रीहरिकोटा से उड़ान भरने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह इसे भारत की अंतरिक्ष यात्रा के लिए एक नया ऐतिहासिक अध्याय बताया। पीएम मोदी ने स्काईरूट एयरोस्पेस की टीम को इस ऐतिहासिक प्रक्षेपण के लिए शुभकामनाएं दीं और कामना की कि विक्रम-1 नई ऊंचाइयों को छुए, इतिहास रचे व नवाचार की नई पीढ़ी को प्रेरित करे।;

Update: 2026-07-18 06:27 GMT

नई दिल्ली। स्काईरूट एयरोस्पेस का 'विक्रम-1' और 'मिशन आगमन' श्रीहरिकोटा से उड़ान भरने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह इसे भारत की अंतरिक्ष यात्रा के लिए एक नया ऐतिहासिक अध्याय बताया। पीएम मोदी ने स्काईरूट एयरोस्पेस की टीम को इस ऐतिहासिक प्रक्षेपण के लिए शुभकामनाएं दीं और कामना की कि विक्रम-1 नई ऊंचाइयों को छुए, इतिहास रचे व नवाचार की नई पीढ़ी को प्रेरित करे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "भारत की अंतरिक्ष यात्रा के लिए एक नया ऐतिहासिक अध्याय। आज सुबह 11:30 बजे स्काईरूट एयरोस्पेस भारत के पहले निजी तौर पर विकसित कक्षीय प्रक्षेपण यान विक्रम-1 का पहला प्रक्षेपण करेगा। यह चार-चरण वाला रॉकेट तेजी से और जरूरत के हिसाब से लॉन्च सेवाएं देने के लिए बनाया गया है।"

उन्होंने आगे लिखा, "यह मिशन हमारे युवाओं की प्रतिभा, दृढ़ संकल्प और उद्यमशीलता की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है। साथ ही, यह भी दर्शाता है कि अंतरिक्ष क्षेत्र में किए गए सुधार कैसे इनोवेशन और उद्यम के लिए नए अवसर खोल रहे हैं। सफल लॉन्च के लिए स्काईरूट एयरोस्पेस की पूरी टीम को मेरी शुभकामनाएं। विक्रम-1 ऊंचाइयों को छुए, इतिहास रचे और इनोवेटर्स की एक पीढ़ी को प्रेरित करे।"

पीएम मोदी ने देशवासियों, खासकर युवाओं से आग्रह किया कि इस ऐतिहासिक मिशन को देखें और 'इंडिया विद विक्रम-1' का उपयोग करते हुए टीम स्काईरूट को अपनी शुभकामनाएं दें।

बता दें कि 'विक्रम-1' भारत का पहला निजी तौर पर विकसित रॉकेट है, जिसे सैटेलाइट को ऑर्बिट में पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है। विक्रम-1 के ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल को पूरी तरह से 3डी-प्रिंटेड लिक्विड इंजन से पावर मिलती है। यह पहली बार है जब किसी भारतीय ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल में इस तरह के इंजन का इस्तेमाल किया जा रहा है।

'मिशन आगमन' स्काईरूट एयरोस्पेस की पहली ऑर्बिटल टेस्ट फ्लाइट है। यह किसी भारतीय प्राइवेट कंपनी की ओर से अपने रॉकेट से ऑर्बिट तक पहुंचने की पहली कोशिश है।

इस मिशन में सोने का एक छोटा रॉकेट है, जिसमें डॉ. विक्रम साराभाई, सर सीवी रमन और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की सूक्ष्म मूर्तियां लगी हैं। विक्रम-1 अपने साथ 'कॉस्मिक ब्लूम' ले जाएगा, जो लैब में बना एक हीरा है और इसे एक आर्टिस्टिक पेलोड के तौर पर ऑर्बिट में भेजा जा रहा है।

'मिशन आगमन' के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाओं और 'वंदे मातरम' के संदेश वाला एक कार्ड भी भेजा जाएगा, जिसके साथ दुनियाभर के समर्थकों की सैकड़ों शुभकामनाएं भी होंगी।


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