एनसीबी और यूपी एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, वाराणसी में 124 किलो गांजा बरामद, एक तस्कर गिरफ्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "नशा मुक्त भारत" अभियान को आगे बढ़ाते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) गोरखपुर और उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने संयुक्त कार्रवाई में गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस अभियान के दौरान वाराणसी से 124 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया और एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया।;

By :  IANS
Update: 2026-06-15 09:33 GMT

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "नशा मुक्त भारत" अभियान को आगे बढ़ाते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) गोरखपुर और उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने संयुक्त कार्रवाई में गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस अभियान के दौरान वाराणसी से 124 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया और एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया।

अधिकारियों के अनुसार, 14 जून 2026 को मिली गुप्त सूचना के आधार पर एनसीबी और यूपी एसटीएफ की टीम ने वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र स्थित जगतपुर में एक कूरियर कंपनी के गोदाम पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान वहां से 124 किलो गांजा बरामद हुआ। जांच में पता चला कि तस्करों ने गांजे की खेप को छिपाने के लिए उस पर सिल्क साड़ियों के लेबल लगाए थे और नकली नाम-पते वाली रसीदों का इस्तेमाल किया था, ताकि किसी को इस अवैध खेप पर शक न हो।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गांजा असम से लाया गया था और इसे उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रानीपुर क्षेत्र में पहुंचाया जाना था। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जांच जारी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गांजे की यह खेप किन रास्तों से लाई गई थी और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

एनसीबी ने बताया कि हाल के दिनों में उसकी कार्रवाई लगातार जारी है। इससे पहले एनसीबी गोरखपुर ने देवरिया में भी बड़ी कार्रवाई करते हुए 406 किलोग्राम से अधिक गांजा बरामद किया था और चार तस्करों को गिरफ्तार किया था।

एनसीबी ने आम लोगों से भी नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध गतिविधियों की जानकारी साझा करने की अपील की है। इसके लिए मानस राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन का टोल-फ्री नंबर 1933 जारी किया गया है। एजेंसी ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।


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