वंदे भारत स्‍लीपर और अमृत भारत एक्‍सप्रेस में टिकट के नियम बदले, महंगी पड़ेगी ये वाली गलती, नहीं मिलेंगे पैसे

रेल मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस बदलाव के लिए रेलवे यात्री (टिकट रद्दीकरण और किराया वापसी) नियम, 2015 में संशोधन किया गया है। नए नियम विशेष रूप से वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और अमृत भारत‑II ट्रेनों पर लागू होंगे।

Update: 2026-01-20 21:32 GMT
नई दिल्ली : रेल यात्रा को अधिक अनुशासित और सीटों के बेहतर उपयोग की दिशा में कदम बढ़ाते हुए भारतीय रेलवे ने वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और अमृत भारत‑II ट्रेनों के लिए टिकट रद्दीकरण नियमों को सख्त कर दिया है। नए प्रावधानों के तहत अब इन ट्रेनों के कन्फर्म टिकट यदि निर्धारित प्रस्थान समय से आठ घंटे से कम समय पहले रद्द किए जाते हैं, तो यात्रियों को किसी भी प्रकार का रिफंड नहीं मिलेगा। रेल मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस बदलाव के लिए रेलवे यात्री (टिकट रद्दीकरण और किराया वापसी) नियम, 2015 में संशोधन किया गया है। नए नियम विशेष रूप से वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और अमृत भारत‑II ट्रेनों पर लागू होंगे।

समय के हिसाब से तय हुआ रद्दीकरण शुल्क

अधिसूचना में टिकट रद्दीकरण को तीन अलग‑अलग समय श्रेणियों में बांटा गया है। यदि कन्फर्म टिकट ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 72 घंटे पहले रद्द किया जाता है, तो यात्री को किराये का 25 प्रतिशत रद्दीकरण शुल्क देना होगा। यानी इस स्थिति में 75 प्रतिशत राशि रिफंड के रूप में वापस मिलेगी। अगर टिकट 72 घंटे से लेकर आठ घंटे पहले के बीच रद्द किया जाता है, तो रद्दीकरण शुल्क बढ़कर किराये का 50 प्रतिशत हो जाएगा। ऐसे मामलों में यात्रियों को केवल आधा किराया ही वापस मिलेगा। 

सबसे सख्त प्रावधान आठ घंटे से कम समय पहले टिकट रद्द करने पर लागू होगा। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यदि ट्रेन के तय प्रस्थान समय से आठ घंटे के भीतर कन्फर्म टिकट रद्द किया जाता है, तो किसी भी प्रकार का रिफंड नहीं दिया जाएगा और पूरा किराया जब्त कर लिया जाएगा।

न्यूनतम 25% कटौती अनिवार्य

रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नए नियमों के तहत कन्फर्म टिकट मिलने के बाद न्यूनतम 25 प्रतिशत रद्दीकरण शुल्क देना अनिवार्य होगा। समय के साथ‑साथ यह शुल्क 100 प्रतिशत तक भी पहुंच सकता है। अधिकारी के अनुसार, इसका उद्देश्य आखिरी समय में बड़े पैमाने पर टिकट रद्द होने की प्रवृत्ति को रोकना है, जिससे अन्य यात्रियों को सीट मिलने में दिक्कत होती है।

क्यों सख्त किए गए नियम

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत‑II जैसी आधुनिक और प्रीमियम ट्रेनों में यात्रियों को हमेशा कन्फर्म बर्थ दी जाती है। इन ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट की अवधारणा सीमित या नहीं के बराबर है। ऐसे में आखिरी समय पर टिकट रद्द होने से सीटें खाली रह जाती हैं और रेलवे को राजस्व का नुकसान होता है। नए नियमों से उम्मीद की जा रही है कि यात्री यात्रा की योजना अधिक सोच‑समझकर बनाएंगे और अनावश्यक बुकिंग या अंतिम समय में रद्दीकरण से बचेंगे।

अमृत भारत‑II ट्रेनों पर भी लागू


रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि 2026 में शुरू की जाने वाली अमृत भारत ट्रेनों को आधिकारिक तौर पर अमृत भारत‑II नाम दिया गया है। इन ट्रेनों पर भी वही आरक्षण और रद्दीकरण नियम लागू होंगे, जो वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के लिए तय किए गए हैं। रेलवे का मानना है कि इन नियमों की पहले से घोषणा होने से यात्रियों को भविष्य की यात्राओं की योजना बनाते समय स्पष्टता रहेगी।

यात्रियों पर क्या पड़ेगा असर

नए प्रावधानों का सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा, जो यात्रा की तारीख के करीब टिकट रद्द करने के आदी हैं। अब उन्हें या तो यात्रा करनी होगी या फिर पूरा किराया गंवाने के लिए तैयार रहना होगा। हालांकि, जो यात्री समय रहते टिकट रद्द करेंगे, उन्हें अभी भी आंशिक रिफंड मिलेगा। यात्रियों के एक वर्ग का कहना है कि नियम सख्त जरूर हैं, लेकिन इससे सीटों का बेहतर उपयोग होगा और गंभीर यात्रियों को फायदा मिलेगा। वहीं कुछ लोग इसे जरूरत से ज्यादा कठोर मान रहे हैं।

अन्य प्रीमियम ट्रेनों के लिए भी सख्त लागू


रेलवे संकेत दे रहा है कि भविष्य में अन्य प्रीमियम ट्रेनों के लिए भी इसी तरह के सख्त रद्दीकरण नियम लागू किए जा सकते हैं। यदि यह व्यवस्था सफल रहती है और सीटों की बर्बादी कम होती है, तो इसे धीरे‑धीरे अन्य श्रेणियों की ट्रेनों तक भी बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल, वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत‑II में यात्रा करने वाले यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले नए नियमों को ध्यान से समझने और उसी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी गई है।

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