नई दिल्ली: राज्यसभा की खाली हो रही सीटों को लेकर चुनावी कार्यक्रम सामने आ गया है। उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होगा। इसी दिन पश्चिम बंगाल की एक राज्यसभा सीट पर उपचुनाव के लिए भी वोट डाले जाएंगे। मतदान के बाद उसी दिन मतगणना भी की जाएगी। चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक, राज्यसभा चुनाव के लिए 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी। उम्मीदवारों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर तय की गई है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 16 अक्टूबर को मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी होगी।
यूपी की 10 सीटों पर सबकी नजर
उत्तर प्रदेश में जिन 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है, उनका कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है। इन सीटों पर मौजूदा समय में भाजपा के पास आठ, समाजवादी पार्टी के पास एक और बहुजन समाज पार्टी के पास एक सीट बताई गई है। इन सीटों से राज्यसभा में कई चर्चित चेहरे जुड़े रहे हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, पूर्व डीजीपी बृजलाल, गीता शाक्य उर्फ चंद्रप्रभा, सीमा द्विवेदी, बी.एल. वर्मा, पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव जैसे नाम शामिल हैं। बसपा से रामजी गौतम इस सूची में रहे हैं। इनमें से कुछ नेताओं की वर्तमान स्थिति पहले की तुलना में बदल चुकी है। मसलन, दिनेश शर्मा अब राज्यपाल हैं, जबकि रामजी गौतम के निधन के बाद उनकी सीट रिक्त हुई है।
विधानसभा के संख्या बल से तय होंगे समीकरण
राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के विधानसभा सदस्यों की संख्या और दलों के मौजूदा संख्या बल की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उपलब्ध राजनीतिक समीकरणों के मुताबिक, एनडीए खेमे के पास करीब 292 विधायक हैं। वहीं समाजवादी पार्टी के पास 100 से अधिक विधायक बताए जा रहे हैं। इसी संख्या बल के आधार पर विभिन्न दल राज्यसभा की सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के पक्ष में समर्थन जुटाने की रणनीति तैयार करेंगे। सीटों का अंतिम परिणाम मतदान के दौरान विधायकों के समर्थन और चुनावी गणित पर निर्भर करेगा।
उत्तराखंड की सीट पर भी चुनाव
उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट के लिए भी 16 अक्टूबर को मतदान होगा। राज्य विधानसभा में मौजूदा राजनीतिक संख्या बल को देखते हुए इस सीट का चुनाव भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उम्मीदवारों के नामांकन और उसके बाद सामने आने वाले समीकरणों से तस्वीर और स्पष्ट होगी। राज्यसभा चुनाव में विधानसभा के निर्वाचित सदस्य मतदान करते हैं। इसलिए राजनीतिक दलों के लिए अपने विधायकों को एकजुट रखना और निर्धारित संख्या के अनुसार रणनीति बनाना अहम होता है।
बंगाल की एक सीट पर उपचुनाव
पश्चिम बंगाल में एक राज्यसभा सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है। यह सीट टीएमसी सांसद रुक्मिणी मलिक के राज्यसभा से इस्तीफे के बाद खाली हुई है। उन्हें इसी साल अप्रैल में राज्यसभा के लिए चुना गया था। अब रिक्त सीट को भरने के लिए चुनाव आयोग की ओर से उपचुनाव का कार्यक्रम जारी किया गया है। इस सीट पर भी 16 अक्टूबर को मतदान होगा और उसी दिन परिणाम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
29 सितंबर से शुरू होगी चुनावी प्रक्रिया
राज्यसभा चुनाव के लिए औपचारिक प्रक्रिया 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होने के साथ शुरू होगी। 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच के बाद 9 अक्टूबर तक नाम वापसी का मौका रहेगा। इसके बाद 16 अक्टूबर को मतदान होगा। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल की संबंधित सीटों के लिए मतदान पूरा होने के बाद उसी दिन मतगणना की जाएगी। चुनाव कार्यक्रम के साथ अब राजनीतिक दलों के बीच उम्मीदवारों के चयन और समर्थन जुटाने की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।