राहुल गांधी के बालाघाट दौरे से पहले सुरक्षा में चूक का कांग्रेस ने लगाया आरोप, पुलिस की चिट्ठी में पहले ही अलर्ट का जिक्र

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के गुरुवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के प्रस्तावित दौरे से कुछ घंटे पहले प्रदेश कांग्रेस ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। हालांकि, बालाघाट जिला पुलिस की 29 सितंबर को जारी एक चिट्ठी सामने आई है, जिसमें स्थानीय कांग्रेस विधायक संजय उइके को राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताओं से अवगत कराते हुए व्यवस्थाओं में सहयोग मांगा गया था।;

Update: 2026-10-01 10:51 GMT

बालाघाट। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के गुरुवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के प्रस्तावित दौरे से कुछ घंटे पहले प्रदेश कांग्रेस ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। हालांकि, बालाघाट जिला पुलिस की 29 सितंबर को जारी एक चिट्ठी सामने आई है, जिसमें स्थानीय कांग्रेस विधायक संजय उइके को राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताओं से अवगत कराते हुए व्यवस्थाओं में सहयोग मांगा गया था।

कांग्रेस ने पुलिस की यह चिट्ठी मीडिया के साथ साझा की और आरोप लगाया कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम की जानकारी होने के बावजूद सरकारी तंत्र अब राहुल गांधी के दौरे की जानकारी नहीं होने की बात कह रहा है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को एक बयान में राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर बालाघाट पुलिस और प्रशासन की कथित लापरवाही को “अत्यंत आपत्तिजनक” बताया।

पटवारी ने कहा, “कार्यक्रम पहले से निर्धारित था और इसकी पूर्व सूचना भी दी गई थी। इसके बावजूद सरकारी तंत्र उनके दौरे की जानकारी नहीं होने की बात कह रहा है। यह अपने आप में व्यवस्था की खामियों और कमियों को उजागर करता है।”

बालाघाट पुलिस की ओर से बैहर विधायक संजय उइके को भेजी गई चिट्ठी में कहा गया है कि पुलिस को विभिन्न माध्यमों से राहुल गांधी के 1 अक्टूबर को बालाघाट दौरे और सार्वजनिक कार्यक्रम की जानकारी मिली थी। हालांकि, पुलिस के अनुसार आयोजकों ने उनके आगमन और कार्यक्रम से संबंधित लिखित सूचना या विस्तृत जानकारी पहले उपलब्ध नहीं कराई थी।

पुलिस ने चिट्ठी में सुरक्षा की दृष्टि से बालाघाट को “अत्यंत संवेदनशील और पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्र” बताया। इसमें कहा गया कि ऐसे क्षेत्रों में वीआईपी/वीवीआईपी मूवमेंट के लिए एडवांस सिक्योरिटी लाइजनिंग, रूट क्लियरेंस, बम डिस्पोजल जांच, एंटी-नक्सल कॉम्बिंग ऑपरेशन और बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा जरूरी होता है।

पुलिस ने यह भी कहा कि इतने संवेदनशील क्षेत्र में कम समय में पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती, यातायात डायवर्जन और आपातकालीन व्यवस्थाएं करना प्रशासनिक और सुरक्षा की दृष्टि से “बेहद जटिल और कठिन” होता है।

चिट्ठी में विधायक संजय उइके से प्रशासन के साथ तत्काल समन्वय करने को कहा गया। साथ ही कांग्रेस के आयोजकों और स्वयंसेवकों के साथ मिलकर कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया। इसमें कार्यक्रम का शेड्यूल, संभावित लोगों की संख्या, स्वयंसेवकों की सूची और मोबाइल नंबर, पार्किंग एवं यातायात व्यवस्था तथा राहुल गांधी से मिलने वाले लोगों की जानकारी मांगी गई थी।

पुलिस ने चिट्ठी में यह भी उल्लेख किया कि राहुल गांधी को जेड-प्लस सुरक्षा प्राप्त है। उनके साथ संभावित मुलाकात करने वाले लोगों के नाम, मोबाइल नंबर और आधार संबंधी विवरण भी मांगे गए थे। पुलिस के मुताबिक, उस समय तक यह जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई थी।

चिट्ठी में न्यायमूर्ति वर्मा आयोग और वीवीआईपी सुरक्षा संहिता का भी उल्लेख किया गया। पुलिस ने कहा कि किसी भी वीआईपी/वीवीआईपी कार्यक्रम की पूरी जानकारी, कार्यक्रम का समय और रूट मैप स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन को पर्याप्त समय पहले उपलब्ध कराना आयोजकों की जिम्मेदारी है।

संजय उइके वर्ष 2013 से लगातार बैहर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी जीत दर्ज की थी।

राहुल गांधी का बालाघाट दौरा जिले में आदिवासी बच्चों की मौत से प्रभावित परिवारों से मुलाकात के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिले में संक्रामक बीमारियों, कुपोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर चिंताएं सामने आई हैं।


Tags:    

Similar News