भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए प्रदर्शन
भारत में सीजेपी और अन्य विद्यार्थी समूह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं.;
जंतर-मंतर से हिरासत में लिए गए आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज
दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए हो रहे प्रदर्शनों में आम आदमी पार्टी के नेता भी शामिल हुए. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, शुक्रवार, 2 अक्टूबर को जब आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रमुख सौरभ भारद्वाज जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल हुए तो दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.
हिरासत में लिए जाने से पहले सौरभ भारद्वाज ने मीडिया से कहा कि उन्हें विश्वास है कि दोपहर होने तक "बहुत सारे जेन-जी, बहुत सारे बुजुर्ग, बहुत सारी महिलाएं" जंतर-मंतर पहुंचकर चुनाव आयोग के खिलाफ आवाज उठाएंगी. प्रदर्शन करने की अनुमति न होने के सवाल पर उन्होंने कहा, "सरकार अपने ही खिलाफ प्रदर्शन करने की अनुमति क्यों देने लगी."
इस बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि 11 मेट्रो स्टेशनों पर अगले आदेश तक प्रवेश करने और बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी. इनमें राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवातीर्थ जैसे जंतर-मंतर के पास स्थित मेट्रो स्टेशन शामिल हैं. आरोप है कि प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है.
भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के लिए प्रदर्शन
भारत में शुक्रवार, 2 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी और अन्य विद्यार्थी समूह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. सीजेपी का प्रदर्शन मुंबई में हो रहा है और समूह ने देश के अन्य शहरों में भी ऐसे प्रदर्शन करने की बात कही है. वहीं, कई अन्य स्टूडेंट और सिविल सोसाइटी ग्रुप दिल्ली के जंतर-मंतर पर इकट्ठे होकर विरोध जता रहे हैं.
प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप है कि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया के जरिए करोड़ों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए हैं, ताकि चुनावों में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी यानी बीजेपी को फायदा हो सके. भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस भी इस मुद्दे पर देशव्यापी प्रदर्शन कर चुकी है. प्रदर्शनकारियों और विपक्षी दलों की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें.
भारतीय अखबार इंडियन एक्सप्रेस की एक खोजी रिपोर्ट सामने आने के बाद इस पूरे मामले ने तूल पकड़ा है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पिछले 10 महीनों में 14 मौकों पर चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर दो चुनाव आयुक्तों- सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने अपनी आपत्ति दर्ज करवाई थी. आरोप था कि दोनों चुनाव आयुक्त को जानकारी दिए बिना ही आयोग ने कई फैसले लिए.