दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन मामले में 20 से अधिक एफआईआर दर्ज की
दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा जबरदस्ती विरोध प्रदर्शन करने की कोशिशों के सिलसिले में 20 से अधिक एफआईआर दर्ज की है।;
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा जबरदस्ती विरोध प्रदर्शन करने की कोशिशों के सिलसिले में 20 से अधिक एफआईआर दर्ज की है।
अधिकारियों ने रविवार को बताया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (एसआईआर) में गड़बड़ी हुई है। इस दौरान कानून को अपने हाथ में लेने, सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने जैसे अपराधों के लिए एफआईआर दर्ज की गईं।
वहीं, सीजेपी की लीगल मामलों की हेड रत्ना सिंह के अनुसार, दिल्ली पुलिस द्वारा एहतियातन हिरासत में लिए गए 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के नेता अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रंका को रविवार को एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने रिहा करने का आदेश दिया।
सिंह ने पहले कहा था कि एहतियातन हिरासत में लिए जाने के बाद इन तीनों को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना था।
शनिवार को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर तीन लोगों को हिरासत में लिया गया। वे भारत के चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए राजधानी आए थे।
शनिवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले 3,000 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और केरल के पूर्व सीएम पिनाराई विजयन जैसे विपक्षी नेता भी शामिल थे। जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी में अभूतपूर्व सुरक्षा घेरा बना दिया था, जिससे प्रस्तावित आंदोलन शहर भर में कई छोटे-छोटे समूहों में बंट गया।
अधिकारियों ने पहले ही प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था और बिना अनुमति के जमा होने पर चेतावनी दी थी। साथ ही, इंटरनेट पर पाबंदियां लगाईं, रास्ते बंद किए और ट्रैफिक का रूट बदला ताकि जंतर-मंतर पर सीजेपी के जुलाई वाले हिंसक प्रदर्शन जैसी स्थिति दोबारा न बने।
पुलिस ने बताया कि हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को छत्रसाल स्टेडियम और विभिन्न पुलिस स्टेशनों सहित अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया। विपक्षी नेताओं सहित उनमें से अधिकतर लोगों को देर शाम रिहा कर दिया गया। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी को भी शनिवार को गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया और रविवार सुबह रिहा कर दिया गया।