प्रदूषित हवा से बेहाल दिल्ली, लाहौर दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर

उत्तरी भारत और पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में मंगलवार, 3 नवंबर को हवा बेहद प्रदूषित रही. एक्यूआई 300 को पार कर गया.;

By :  DB Desk
Update: 2026-11-05 05:36 GMT

चेक रिपब्लिक में सरकार के खिलाफ सरकारी मीडिया की हड़ताल

चेक रिपब्लिक में मंगलवार, 3 नवंबर को सरकारी मीडिया कर्मियों ने एक दिन की हड़ताल की. वे सरकारी प्रसारकों की फंडिंग के तरीके में बदलाव की योजना का विरोध कर रहे हैं. इस योजना के तहत देश के सरकारी रेडियो और टेलीविजन को स्टेट बजट से फंडिंग दी जाएगी. वहीं, अब तक लोगों, घरों और व्यवसायों से मिलने वाली नियमित फीस से सरकारी मीडिया की फंडिंग की जाती है.

सरकारी टीवी और रेडियो चैनल में काम करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि इससे उनकी स्वतंत्रता खतरे में पड़ जाएगी. उनका दावा है कि फंडिंग के नई तरीके से उन्हें 15 फीसदी कम धन मिलेगा, जिससे लोगों की नौकरियां जा सकती हैं, प्रोडक्शन प्रभावित हो सकता है और कई कार्यक्रम रद्द भी करने पड़ सकते हैं. प्रधानमंत्री आंद्रे बाबिश की इस योजना के खिलाफ पिछले महीने भी राजधानी प्राग में लोग सड़कों पर उतरे थे.

हड़ताल के दौरान सरकारी टीवी न्यूज चैनल पर सीमित कार्यक्रम प्रसारित किए गए और लोगों को हड़ताल के फैसले के बारे में बताया गया. वहीं, सरकारी रेडियो पर सिर्फ संगीत चलाया गया. इसके बीच-बीच में एक बयान जारी कर हड़ताल का कारण बताया गया. विश्वविद्यालय स्टूडेंट्स ने प्राग और अन्य शहरों में मार्च करने और सरकारी मीडिया के समर्थन में हो रहे प्रदर्शनों में हिस्सा लेने की योजना बनाई है.

प्रदूषित हवा से बेहाल दिल्ली, लाहौर दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर

उत्तरी भारत और पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में मंगलवार, 3 नवंबर को हवा बेहद प्रदूषित रही. भारत के केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में मंगलवार को एक्यूआई 332 दर्ज किया गया, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आता है. आईक्यू एयर के मुताबिक, लाहौर में एक्यूआई 447 दर्ज किया गया. लाहौर में पीएम 2.5 कणों की मौजूदगी विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों से 60 गुना अधिक दर्ज हुई.

साल के इन महीनों में इस इलाके के लिए वायु प्रदूषण की समस्या बेहद गंभीर हो जाती है. इस दौरान वाहनों, निर्माण स्थलों और पराली जलाने से निकलने वालीं प्रदूषित गैसें, ठंडी और घनी हवा में कैद हो जाती हैं और स्मॉग का रूप ले लेती हैं. इससे वायु प्रदूषण का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है और यहां रहने वाले लोगों को गंभीर सांस संबंधी खतरों का सामना करना पड़ता है.

दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कई उपाय लागू किए गए हैं. इनमें प्रदूषित वाहनों और निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाना शामिल है. हालांकि, 8 नवंबर को दीपावली के मौके पर पटाखे चलाए जाने से प्रदूषण और बढ़ सकता है. भारत के सुप्रीम कोर्ट ने दीपावली पर सिर्फ कम प्रदूषण करने वाले पटाखे चलाने की अनुमति दी है. हालांकि, एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार में सभी प्रकार के पटाखे बिक रहे हैं.

ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका की बर्फ छह गुना तेजी से पिघल रही, वैज्ञानिकों ने दी गंभीर चेतावनी

दुनिया के ध्रुवीय क्षेत्रों में बर्फ के तेजी से पिघलने को लेकर वैज्ञानिकों ने गंभीर चेतावनी जारी की है. इंटरनेशनल क्रायोस्फीयर क्लाइमेट इनिशिएटिव (आईसीसीआई) और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की ओर से सोमवार को जारी की गईं दो नई रिपोर्टों में कहा गया है कि ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका की बर्फीली चादरें 1990 के दशक की तुलना में करीब छह गुना तेजी से पिघल रही हैं.

वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि वैश्विक तापमान अस्थायी रूप से भी 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा से ऊपर जाता है, तो समुद्र के जलस्तर में बढ़ोतरी, हिमस्खलन, भूस्खलन और जल संकट जैसी समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2015 में दुनिया के देशों ने वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने का लक्ष्य तय किया था, लेकिन अब संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि यह सीमा कम से कम अस्थायी रूप से पार हो सकती है. वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अधिक समय तक बढ़ा तापमान पर्माफ्रॉस्ट को तेजी से पिघलाएगा, जिससे बड़ी मात्रा में ग्रीनहाउस गैसें वातावरण में पहुंचेंगी और बुनियादी ढांचे को नुकसान होगा.

रिपोर्ट के प्रमुख लेखक जेम्स किर्खम ने कहा कि बर्फीले क्षेत्रों को होने वाले नुकसान को सीमित करने के लिए तापमान में बढ़ोतरी को जल्द से जल्द फिर से 1.5 डिग्री सेल्सियस से नीचे लाना जरूरी है. विशेषज्ञों का कहना है कि नवीकरणीय ऊर्जा, बैटरी तकनीक और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम कर जलवायु संकट के प्रभावों को कम किया जा सकता है.

बर्लिन का दौरा करेंगे यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की, जर्मन चांसलर मैर्त्स ने की घोषणा

जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने घोषणा की है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की बातचीत करने के लिए मंगलवार, 3 नवंबर को बर्लिन का दौरा करेंगे. सुरक्षा कारणों से इस यात्रा को गुप्त रखा गया था. यह बैठक ऐसे समय पर होगी जब यूक्रेन रूस के बैलिस्टिक हमलों का मुकाबला करने के लिए अधिक मिसाइलों की मांग कर रहा है.

यूक्रेन ने यूरोप से अगले साल 70 अरब यूरो की अतिरिक्त फंडिंग भी मांगी है. मंगलवार को होने वाली बातचीत में सैन्य और आर्थिक सहायता के मुद्दों के केंद्र में रहने की उम्मीद है. जर्मनी इस महीने यूक्रेन का समर्थन कर रहे देशों का सम्मेलन आयोजित करने की भी योजना बना रहा है ताकि सर्दियों से पहले यूक्रेन को और मदद देने के बारे में चर्चा की जा सके.

जेलेंस्की के जर्मनी पहुंचने से पहले अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने बताया कि यूक्रेन, रूस और अमेरिका के सलाहकार 10 और 11 नवंबर को अबू धाबी में मिलेंगे. इस दौरान तनाव कम करने के उपायों, युद्ध के बाद की सुरक्षा और मानवीय मदद पर चर्चा होगी. जर्मनी को उम्मीद है कि अबू धाबी में यूरोपीय प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, कोई भी समूह धरना स्थल पर हमेशा के लिए कब्जा नहीं कर सकता

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि कोई भी संगठन किसी निर्धारित धरना स्थल पर अनिश्चित काल तक कब्जा नहीं कर सकता. अदालत ने स्पष्ट किया कि विरोध-प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इसका इस्तेमाल इस तरह नहीं होना चाहिए कि दूसरे समूहों के अधिकार प्रभावित हों.

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि प्रदर्शन स्थलों के उपयोग के लिए निश्चित समय और अवधि तय होनी चाहिए, ताकि किसान, पत्रकार और अन्य संगठन भी अपनी बात रख सकें. अदालत ने यह भी कहा कि प्रदर्शन की अनुमति देने या न देने के कारण प्रशासन को स्पष्ट रूप से दर्ज करने चाहिए.

यह मामला व्यापारिक संगठनों की याचिकाओं से जुड़ा है, जिनका दावा है कि प्रदर्शनों के कारण कारोबार और आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है. व्यापार संगठनों ने मांग की है कि त्योहारों के दौरान प्रदर्शनों पर रोक लगा दी जाए. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में प्रदर्शनकारियों को भी पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है.

दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करने वाले एसीपी निलंबित

दिल्ली पुलिस के मुख्यालय के बाहर सोमवार, 2 नवंबर को हुए प्रदर्शन में शामिल रहे सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) मनस्वी वशिष्ठ को निलंबित कर दिया गया है. सोमवार को दिल्ली पुलिस के मुख्यालय के बाहर कई पुलिसकर्मियों ने इकट्ठे होकर प्रदर्शन किया था और दो अधिकारियों के ट्रांसफर ऑर्डर को वापस लेने की मांग की थी.

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, यह पूरा मामला 23 अक्टूबर को शुरू हुआ, जब शाहदरा पुलिस स्टेशन में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद हुआ. वकीलों का आरोप था कि एसीपी मनस्वी वशिष्ठ ने वकीलों को धमकाया था. इसके बाद वकीलों ने हड़ताल का एलान किया, जिसके बाद एसीपी मनस्वी वशिष्ठ और एसएचओ अरुण कुमार का ट्रांसफर कर दिया गया.

सोमवार को इसी ट्रांसफर ऑर्डर के खिलाफ पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन किया जिसमें एसीपी मनस्वी वशिष्ठ भी शामिल हुए. कानूनी खबरों की वेबसाइट बार एंड बेंच के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान एसीपी मनस्वी ने वकीलों के खिलाफ टिप्पणियां भी की. वकीलों ने इसके खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया जहां अदालत ने उनसे एक औपचारिक याचिका दायर करने के लिए कहा.

दिल्ली-एनसीआर में हर तरह के पटाखे बिकने पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में पटाखों की बिक्री को लेकर अपनी पाबंदियों के कथित उल्लंघन पर मंगलवार, 3 नवंबर को चिंता व्यक्त की. अदालत ने एक समाचार रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए कहा कि उसके आदेश के बावजूद बाजारों में विभिन्न प्रकार के पटाखे खुलेआम बिक रहे हैं.

जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से मामले की जांच करने को कहा. अदालत ने रिपोर्ट में प्रकाशित तस्वीरों का उल्लेख करते हुए कहा कि लाइसेंस प्राप्त और बिना लाइसेंस वाले पटाखों के साथ-साथ क्यूआर कोड वाले और बिना क्यूआर कोड वाले पटाखे भी बाजार में उपलब्ध बताए गए हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने 2 नवंबर को दीपावली से पहले सीमित अवधि के लिए दिल्ली-एनसीआर में प्रमाणित ग्रीन पटाखों के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति दी थी. अदालत ने 4 से 6 नवंबर तक ग्रीन पटाखों की बिक्री और 7 व 8 नवंबर को निर्धारित समय में उन्हें जलाने की इजाजत दी थी. साथ ही 9 नवंबर 2026 से पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध बहाल करने का आदेश दिया था.

बांग्लादेश में वेतन बढ़ोतरी के लिए कपड़ा श्रमिकों का प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी

बांग्लादेश में कपड़ा फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों का प्रदर्शन मंगलवार, 3 नवंबर को भी जारी रहा. यह प्रदर्शन 31 अक्टूबर को शुरू हुआ था. कपड़ा श्रमिक चार दिनों से उनका वेतन बढ़ाए जाने की मांग कर रहे हैं. उनकी मांग है कि उनके न्यूनतम मासिक वेतन को 12,500 टका से बढ़ाकर 30,000 टका किया जाए. श्रमिकों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई ने उनकी खरीद क्षमता को बेहद कम कर दिया है.

श्रमिकों के प्रदर्शन के दौरान राजधानी ढाका के आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में झड़पें होने की खबरें सामने आईं. श्रमिकों ने नए सिरे से प्रदर्शन किए और प्रमुख सड़कों को बंद करने की कोशिश की. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, झड़पों में दर्जनों लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं.

बांग्लादेश चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपड़ा निर्यातक है. बांग्लादेश के कपड़ा उद्योग में करीब 40 लाख लोग काम करते हैं और देश की निर्यात कमाई में इस क्षेत्र की हिस्सेदारी 80 फीसदी से अधिक है. उद्योग से जुड़े लोगों ने चेतावनी दी है कि फैक्ट्रियों के बंद होने की वजह से शिपमेंट भेजने में देरी हो सकती है और एक भरोसेमंद स्रोत के तौर पर बांग्लादेश की छवि कमजोर पड़ सकती है.

कपड़ा फैक्ट्रियों के मालिकों का कहना है कि वे बढ़ती परिचालन लागत, मध्य पूर्व में संघर्ष से जुड़े ऊर्जा बाजारों में अनिश्चितता और प्रमुख निर्यात बाजारों में कमजोर मांग जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक चलने वाली अशांति उत्पादन को बाधित कर सकती है और निर्यात को खतरे में डाल सकती है. इन प्रदर्शनों के दौरान कई फैक्ट्रियों को नुकसान भी पहुंचा है.

निर्मला सीतारमण ने जताई टाटा समूह के मतभेदों के जल्दी ही सुलझने की उम्मीद

भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि टाटा संस और उसके सबसे बड़े शेयरधारक टाटा ट्रस्ट के बीच दरार पैदा करने वाले मुद्दों को समूह के भीतर सौहार्दपूर्ण ढंग से जल्दी ही सुलझा लिया जाएगा. निर्मला सीतारमण देश की कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री भी हैं.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, उन्होंने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में यह टिप्पणी की. उन्होंने टाटा को देश की अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा बताया और कहा कि इस मुद्दे को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाना होगा ताकि सामान्य स्थिति वापस आ सके. उन्होंने कहा कि इसे सार्वजनिक रूप से उजागर नहीं किया जा सकता.

नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक बनाने वाला टाटा समूह हालिया महीनों में अपने आंतरिक मतभेदों को लेकर चर्चा में बना हुआ है. टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति और टाटा संस की सार्वजनिक लिस्टिंग को लेकर समूह में एक राय नहीं है. टाटा संस में नोएल टाटा के नेतृत्व वाले टाटा ट्रस्ट की 66 फीसदी हिस्सेदारी है.

कंपनी का बोर्ड रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नियमों का पालन करने के लिए टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट करना चाहता है. वहीं, टाटा ट्रस्ट इसके खिलाफ है और लिस्टिंग के विकल्प तलाशना चाहता है. टाटा ट्रस्ट ने एन चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति का भी विरोध किया है.

आंध्र प्रदेश से गुजरा चक्रवात मुरसु, तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई

चक्रवात मुरसु मंगलवार तड़के 3.30 से 5.30 बजे के बीच आंध्र प्रदेश की दक्षिणी तटरेखा से गुजरा. इस दौरान 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं. चक्रवात मुरसु की वजह से दक्षिणी तटीय क्षेत्र में सोमवार से भारी बारिश हो रही है. कई जिलों में मंगलवार को भी बारिश के जारी रहने का अनुमान है.

चक्रवात की वजह से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में सैकड़ों पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंबों को नुकसान पहुंचा और फसल भी खराब हुई. भारी बारिश को देखते हुए राज्य के आठ जिलों में स्कूलों और कॉलेजों की छुट्टी घोषित कर दी गई है. मौसम विभाग ने अगले 12 घंटों में तटीय इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान जताया है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू से फोन पर बात की है और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है. उन्होंने लिखा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें जमीनी स्तर पर राहत कार्य कर रही हैं और चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की मदद कर रही हैं.

ओमान के पास भारतीय झंडे वाले जहाज पर हमला, एक भारतीय की मौत

ओमान के पास एक भारतीय झंडे वाले कार्गो जहाज पर हमला हुआ और एक भारतीय नाविक की मौत हो गई. भारत सरकार ने कहा है कि सोमवार, 2 नवंबर को जहाज से कोई "अज्ञात हवाई वस्तु" आकर टकराई. भारत के शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि टैंकर एमएसवी एल जुसुफी पर हमले के दौरान 14 भारतीय नाविक सवार थे.

उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि 13 क्रू मेंबर्स को ओमानी तटरक्षक बल द्वारा सुरक्षित बचा लिया गया. वहीं, गुजरात के गांधार नाहिम अजीज की मौत हो गई. शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक, भारत विश्वस्तर पर मर्चेंट शिपिंग में सबसे ज्यादा नाविक भेजता है. साल 2025 में भारत के करीब 3.20 लाख नाविक सक्रिय थे.

28 फरवरी को ईरान पर इस्राएल और अमेरिका के हमलों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में हुए हमलों में कई भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है. 28 अक्टूबर को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि पश्चिम एशिया संघर्ष में अब तक 22 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जिनमें 14 नाविक शामिल हैं.

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