RSS: मंदिर चढ़ावा चोरी पर संघ ने जारी किया बयान, कहा- चोरी की घटना से राम भक्तों की श्रद्धा को आघात पहुंचा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की ओर से जारी बयान में कहा गया कि श्री राम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर लंबे संघर्ष और करोड़ों भक्तों के समर्पण का प्रतीक है। यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पूरे हिंदू समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र है।;

Update: 2026-07-03 10:16 GMT

नई दिल्ली। अयोध्या स्थित श्री रामलला मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी की घटना को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने कड़ा रुख अपनाया है। संघ ने इस घटना को केवल एक सामान्य आपराधिक मामला नहीं, बल्कि करोड़ों राम भक्तों की आस्था और श्रद्धा पर गंभीर चोट बताया है। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मंदिर की व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की है।

RSS का बयान: आस्था से जुड़ा गंभीर मामला

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की ओर से जारी बयान में कहा गया कि श्री राम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर लंबे संघर्ष और करोड़ों भक्तों के समर्पण का प्रतीक है। यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पूरे हिंदू समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र है। बयान में कहा गया कि मंदिर के दान पात्रों से धनराशि की चोरी की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। संघ ने जोर देकर कहा कि इस घटना को सामान्य चोरी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे आस्था से जुड़े गंभीर अपराध के रूप में समझना होगा।

SIT जांच और प्रशासनिक कार्रवाई

आरएसएस ने जानकारी दी कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के आग्रह पर उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जांच प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है और शुरुआती सिफारिशों के आधार पर कानूनी कार्रवाई भी आगे बढ़ाई जा रही है। संघ ने स्पष्ट कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के तहत कठोर से कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

मंदिर प्रबंधन पर सुधार की आवश्यकता

बयान में संघ ने मंदिर प्रशासन और प्रबंधन व्यवस्था पर भी ध्यान देने की आवश्यकता जताई। आरएसएस ने कहा कि यह घटना इस बात का संकेत है कि प्रबंधन प्रणाली में कुछ कमियां मौजूद हैं, जिन्हें तत्काल दूर किया जाना चाहिए। संघ ने सुझाव दिया कि वित्तीय लेनदेन में अधिक पारदर्शिता, मजबूत निगरानी व्यवस्था और आधुनिक सुरक्षा प्रणाली को लागू किया जाए। इससे न केवल मंदिर की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि श्रद्धालुओं का विश्वास भी और मजबूत होगा।

भ्रम और असमंजस खत्म करने पर जोर

आरएसएस ने यह भी कहा कि वर्तमान में इस घटना को लेकर जो भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी है, उसे जल्द से जल्द दूर किया जाना चाहिए। मंदिर प्रबंधन और संबंधित एजेंसियों को मिलकर स्थिति स्पष्ट करनी होगी ताकि श्रद्धालुओं के बीच अनावश्यक आशंका न फैले। संघ ने भरोसा जताया कि सुधारात्मक कदमों से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की कार्यप्रणाली और अधिक मजबूत होगी तथा पारदर्शिता बढ़ेगी।

हिंदू समाज से संयम की अपील

अपने बयान के अंत में आरएसएस ने हिंदू समाज से संयम और धैर्य बनाए रखने की अपील की। संघ ने कहा कि ऐसी घटनाओं पर भावनात्मक प्रतिक्रिया के बजाय जिम्मेदार व्यवहार जरूरी है। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई कि इस घटना का उपयोग कुछ हिंदू विरोधी या राष्ट्र विरोधी तत्व समाज में भ्रम फैलाने के लिए कर सकते हैं। ऐसे किसी भी प्रयास को मिलकर विफल करना आवश्यक है। संघ ने कहा कि निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई के बाद स्थिति सामान्य होगी और मंदिर की गरिमा तथा श्रद्धालुओं का विश्वास पहले की तरह मजबूत बना रहेगा।

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