ईरान में पढ़ रहे छात्रों के पासपोर्ट दिलाने और हालात बिगड़ने पर निकासी की हो व्यवस्था: एआईएमएसए
ईरान में पढ़ाई कर रहे भारतीय मेडिकल छात्रों की सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएमएसए) ने तेहरान स्थित भारतीय दूतावास को पत्र लिखा है।
नई दिल्ली। ईरान में पढ़ाई कर रहे भारतीय मेडिकल छात्रों की सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएमएसए) ने तेहरान स्थित भारतीय दूतावास को पत्र लिखा है।
ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएमएसए) ने तेहरान स्थित भारतीय दूतावास को पत्र लिखकर कहा है कि ईरान में पढ़ रहे छात्रों के पासपोर्ट दिलाने और हालात बिगड़ने पर निकासी (एवैक्यूएशन) की व्यवस्था की जाए।
ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएमएसए) ने अपने पत्र में बताया कि ईरान के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे कई भारतीय छात्र मौजूदा हालात को देखते हुए भारत लौटना चाहते हैं, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उनके पासपोर्ट विश्वविद्यालयों के पास जमा हैं। पासपोर्ट न मिलने के कारण छात्र यात्रा की कोई भी व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं, जिससे छात्रों और उनके परिवारों में भारी चिंता है।
संघ ने कहा कि पहले जारी की गई सलाहों (एडवाइजरी) के बावजूद विश्वविद्यालयों द्वारा पासपोर्ट न लौटाए जाने से स्थिति और गंभीर हो गई है। इसे देखते हुए ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने भारतीय दूतावास से अनुरोध किया है कि वह ईरान के संबंधित अधिकारियों और विश्वविद्यालयों से बातचीत कर छात्रों के पासपोर्ट तुरंत दिलवाने में हस्तक्षेप करे, ताकि जो छात्र भारत लौटना चाहते हैं, वे सुरक्षित रूप से लौट सकें।
इसके अलावा, ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने यह भी आग्रह किया है कि अगर हालात और खराब होते हैं, तो भारतीय दूतावास भारतीय नागरिकों, विशेषकर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निकासी कदमों पर विचार करे।
ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने भरोसा जताया है कि भारतीय दूतावास विदेश में रह रहे भारतीय छात्रों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव सहायता करेगा। संगठन ने यह भी कहा कि वह इस मामले में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है और जरूरत पड़ने पर हर तरह की मदद उपलब्ध कराएगा। यह मामला ईरान में पढ़ रहे सैकड़ों भारतीय छात्रों और उनके परिवारों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।