शौच से मुक्त होने वाला कर्नाटक का पहला शहर नारगुंड

कर्नाटक में गडग जिले का नारंगुड खुले में शौच से मुक्त होने वाला राज्य का पहला शहर बन गया है

Update: 2017-09-26 16:20 GMT

नारगुंड। कर्नाटक में गडग जिले का नारंगुड खुले में शौच से मुक्त होने वाला राज्य का पहला शहर बन गया है। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने आज नारगुंड शहर के खुले में शौच से मुक्त होने की औपचारिक घोषणा की।

उन्होंने इस मौके पर यहां स्वच्छता अभियान से जुड़ी कई योजनाओं की भी शुरूआत की। एक लाख से अधिक आबादी वाले नारगुंंड तालुक में कुल 30 गांव हैं। वर्ष 2012 में हुए एक सर्वेक्षण के अनुसार इस तालुक में कुल 11,949 परिवार हैं जिनमें से 9,949 परिवारों के पास शौचालय की सुविधा नहीं थी।

ग्रामीणों के विरोध के कारण प्रशासन को शौचालयों के निर्माण में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था और ग्राम सभाओं की ओर से जागरूकता अभियान के विफल रहने के बाद अधिकारियों ने आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद ली, जिसके बाद ग्रामीण शौचालयों के निर्माण के लिए अंतत: सहमत हो गए।

गौरतलब है कि कर्नाटक में 5,000 गांवों और 1,000 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त किया जा चुका है। सरकार की संपूर्ण राज्य को अगले साल दो अक्टूबर तक पूर्ण रूप से खुले में शौच से मुक्त बनाने की योजना है।

इसी बीच, नारगुंड के पास नवलगुंड शहर के किसानों ने कलसा-बंदूरी नाला परियोजना के खिलाफ गत एक वर्ष से विरोध प्रदर्शन कर पर्यावरण को बचाने की मुहिम छेड़ रखी है। नवलगुंड के किसानों ने पर्यावरण के अलावा महिलाओं के सम्मान को बचाने के लिए भी प्रत्येक घर में शौचालय बनाने की मुहिम भी छेड़ी हुई है।
 

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