नागालैंड विधानसभा अध्यक्ष को अयोग्यता सुनवाई पूरी करने के निर्देश
एनपीएफ ने पिछले संसदीय चुनाव में नागालैंड की इकलौती साट पर कांग्रेस के समर्थन के लिए पार्टी के सामूहिक निर्णय को धता बताने के लिए सात विधायकों के खिलाफ याचिका दायर की है।
कोहिमा। गुवाहाटी उच्च न्यायालय की कोहिमा पीठ ने नागालैंड विधान सभा के अध्यक्ष को नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के सात विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही समाप्त करने और छह सप्ताह के भीतर उचित आदेश पारित करने का निर्देश दिया है।
नागा पीपुल्स फ्रंट के प्रेस ब्यूरो की ओर से यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, दो जून को उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं के साथ-साथ प्रतिवादियों को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष या तो व्यक्तिगत रुप से या फिर अपने अधिकृत प्रतिनिधियों के माध्यम से आठ जून को पेश होने का निर्देश दिया ताकि अध्यक्ष न्यायालय की ओर से तय अवधि के भीतर कार्यवाही को समाप्त करने में सक्षम हो सके।
एनपीएफ ने पिछले संसदीय चुनाव में नागालैंड की इकलौती साट पर कांग्रेस के समर्थन के लिए पार्टी के सामूहिक निर्णय को धता बताने के लिए सात विधायकों के खिलाफ याचिका दायर की है। यह तर्क दिया गया है कि खुले तौर पर पार्टी के निर्णय के खिलाफ जाना स्वेच्छा से पार्टी की सदस्यता छोड़ देना है।
यह मामला अप्रैल 2019 में एनपीएफ ने अपने सात विधायकों - ईशाक कोन्याक, बी एस नंगंगलांग, ई ई पांगतियांग, केजोंग चांग, थोंगवांग कोन्याक, तोयांग चांग और सी एल जॉन की विधानसभा सदस्यता से अयोग्य ठहराने को लेकर जुड़ा है जिसके संबंध में न्यायालय में याचिका दायर की गयी है।