वीकेंड पर होती हैं बैंक धोखाधड़ी की ज्यादातर घटनाएं

देश में इंटरनेट तक लोगों की पहुँच और डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल बढ़ने के साथ ही बैंकिंग धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ते जा रहे

Update: 2019-09-06 16:38 GMT

नयी दिल्ली । देश में इंटरनेट तक लोगों की पहुँच और डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल बढ़ने के साथ ही बैंकिंग धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं तथा खास बात यह है कि साइबर अपराधी अपने मंसूबों को वीकेंड पर अंजाम देना ज्यादा पसंद करते हैं।

‘साइबर अपराध की जाँच एवं साइबर फॉरेंसिक्स’ विषय पर केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा 04 और 05 सितंबर को आयोजित पहले राष्ट्रीय सम्मेलन में चर्चा के दौरान यह बात सामने आयी।

सूत्रों ने बताया कि सम्मेलन में जो आँकड़े साझा किये गये उसके अनुसार, सीबीआई के पास साइबर अपराध के जितने मामले दर्ज किये जाते हैं उनके आधे बैंकिंग धोखाधड़ी के होते हैं। इनमें इंटरनेट बैंकिंग के पासवर्ड हैक कर या क्रेडिट कार्ड की जानकारियाँ चुराकर पैसे निकालने के मामले काफी बड़ी संख्या में दर्ज किये जाते हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अपराधी वीकेंड का समय इसलिए चुनते हैं कि बैंक बंद होने के कारण उनके कारनामे के बारे में बैंक या ग्राहक सोमवार सुबह जब तक सक्रिय होते हैं तब तक अपराधियों को काफी समय मिल जाता है। सम्मेलन में पेश एक आँकड़े में बताया गया है कि देश में प्रति दिन औसतन 72 वेबसाइट या वेबपोर्टल हैक किये जाते हैं। अप्रैल 2017 से जनवरी 2018 तक 22 हजार वेबसाइटें या वेबपोर्टल हैक किये गये।

सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए विभिन्न राज्यों की पुलिस तथा अन्य जाँच एजेंसियों के 50 से ज्यादा अधिकारियों को बताया गया कि दिसंबर 2018 तक देश में 56.6 करोड़ लोगों के पास इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध थी और इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या 44 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ रही है। इनमें 97 प्रतिशत लोग कभी न कभी मोबाइल पर इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं जिससे डाटा चुराना आसान होता है।
 

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