बदलाव केवल मनोभाव नहीं बल्कि साहसिक निर्णय लेने के लिए

नई दिल्ली ! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि सुधार तब तक काफी नहीं है, जबतक कि वह अर्थव्यवस्था व समाज में बदलाव न करे।;

Update: 2017-01-17 21:44 GMT

नई दिल्ली !  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि सुधार तब तक काफी नहीं है, जबतक कि वह अर्थव्यवस्था व समाज में बदलाव न करे। भारत के महत्वाकांक्षी भू राजनीतिक सम्मेलन 'रायसीना डायलॉग' के द्वितीय संस्करण को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत का बदलाव उसके बाहरी संपर्को से अलग नहीं है।

उन्होंने कहा, "2014 में भारत के लोगों ने नई शुरुआत की। बदलाव के जनादेश के साथ एकमत से उन्होंने मुझे सरकार सौंपी। बदलाव केवल मनोभाव नहीं बल्कि मानसिकता के लिए, बदलाव गहराई से उद्देश्यपूर्ण कार्रवाई के लिए, बदलाव साहसिक निर्णय लेने के लिए।"

मोदी ने कहा, "सुधार अकेले काफी नहीं है, जबतक कि वह अर्थव्यवस्था व समाज में बदलाव न करे।"

उन्होंने कहा, "रोजाना, मेरे काम की सूची इसी उत्प्रेरक से निर्देशित होती है कि सभी भारतीयों की सुरक्षा तथा समृद्धि के लिए भारत में बदलाव व सुधार करना है।"

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