शिक्षा प्रणाली पर एक खास विचारधारा थोप रही है मोदी सरकार: राहुल गांधी
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज मोदी सरकार पर यह कहते हुए हमला बोला कि शिक्षा प्रणाली पर एक खास विचारधारा थोपी जा रही है
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज मोदी सरकार पर यह कहते हुए हमला बोला कि शिक्षा प्रणाली पर एक खास विचारधारा थोपी जा रही है।
RSS vision of India, like Amit Shah said, is that of a 'golden bird'. They view it as a product, how it is to be utilised and they decide on who utilises it: Congress President @RahulGandhi #RahulGandhiProfessorsMeet
हम आरएसएस द्वारा 'सोने की चिड़िया' पर कब्ज़ा करने की कोशिश के खिलाफ लड़ रहे हैं। शिक्षण संस्थान, सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग इन सभी पर धीरे-धीरे कब्जा किया जा रहा है : कांग्रेस अध्यक्ष @RahulGandhi #RahulGandhiProfessorsMeet
उन्होंने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि इसके खिलाफ संघर्ष में कांग्रेस पार्टी उनके साथ है। तकरीबन 20 प्रदेशों के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के साथ यहां आयोजित संवाद में राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय शिक्षा प्रणाली को अपनी आवाज उठाने की अनुमति अवश्य होनी चाहिए।
I will promise you one thing, we will reverse the centralisation of power that is done by Modi govt. We will restore autonomy to institutions: Congress President @RahulGandhi #RahulGandhiProfessorsMeet
अपने भाषण में मोहन भागवत ने कहा, "हम राष्ट्र को संगठित करने जा रहे हैं"। वो देश को संगठित करने वाले कौन होते हैं? देश खुद अपने को संगठित करेगा। अगले कुछ महीनों में उनका सपना चकनाचूर हो जाएगा : कांग्रेस अध्यक्ष @RahulGandhi #RahulGandhiProfessorsMeet pic.twitter.com/KxCiprUOF0
गांधी ने कहा कि निजी संस्थानों के लिए जगह हो, लेकिन व्यवस्था की नींव का मार्गदर्शन सरकारी शिक्षा प्रणाली के पास होना चाहिए। उन्होंने कुछ शैक्षणिक संस्थानों की ऊंची फीस को लेकर चिंता जाहिर की।
राहुल ने कहा, "मैं यहां मुख्य रूप से आपको यह बताने आया हूं कि आपको लगता है कि आपके ऊपर हमले हो रहे हैं, आप खतरों के घेरे में हैं और आपके ऊपर एक विचारधारा थोपी जा रही है। आप यह महसूस करते हैं कि एक पाठ्यक्रम अकस्मात अब भारत के हर शैक्षणिक संस्थान में स्वीकार्य हो गया है और आप इस संघर्ष का सामना करने में आप अकेले नहीं हैं।"
जहां तक भारतीय शिक्षा प्रणाली का संबंध है, दो चीजें ऐसी हैं जिन पर समझौता नहीं हो सकता : शिक्षकों को अभिव्यक्त करने में सक्षम होना चाहिए और शिक्षकों को उनके अपने भविष्य के लिए दृष्टिकोण दिया जाना चाहिए : कांग्रेस अध्यक्ष @RahulGandhi #RahulGandhiProfessorsMeet
उन्होंने आगे कहा, "केवल आप अपने दिलों में ऐसा महसूस नहीं कर रहे हैं, बल्कि हर व्यक्ति के दिल में ऐसी अनुभूति हो रही है। किसानों और मजदूरों, छोटे और मझौले उद्यमियों, सबके दिलों में ऐसा ही महसूस हो रहा है। प्रत्येक व्यक्ति यह कह रहा है कि एक अरब से ज्यादा आबादी वाले देश को एक विचारधारा से नहीं चलाया जा सकता है।"
हमारी प्रणाली की नींव सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली है। इसका मतलब यह नहीं है कि निजी संस्थानों के लिए कोई जगह नहीं है, लेकिन पथप्रदर्शक निश्चित तौर पर सार्वजनिक संस्थान होने चाहिए : कांग्रेस अध्यक्ष @RahulGandhi #RahulGandhiProfessorsMeet
Everybody talks about the success of the Indian education system. When Mr. Obama said the real competition for USA is the engineers/doctors/lawyers coming out of India, he was praising the teachers of India: Congress President @RahulGandhi #RahulGandhiProfessorsMeet pic.twitter.com/S07rg1Xk0d
राहुल गांधी ने कहा कि वह कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में नहीं, बल्कि एक नागरिक के रूप में बोल रहे हैं, जो यह मानता है कि हमारे देश के भविष्य का मार्गदर्शन हमारे शिक्षक करते हैं, जिसका मानना है कि अगर आप शिक्षकों को खुद की अभिव्यक्ति की अनुमति नहीं करने दोगे तो आपके पास कोई शिक्षा प्रणाली नहीं हो सकती है।
उन्होंने कहा, "आप देश के विभिन्न हिस्सों से आते हैं, आपके अनुभव अलग-अलग तरह के हैं और चुनौतियों में भिन्न-भिन्न हैं। आपकी प्रतिक्रियाएं भी अगल-अगल तरह की होंगी, वे एक जैसी नहीं हो सकती हैं और मैं इसे भारत की सबसे बड़ी शक्ति मानता हूं। मेरा मानना है कि आप संगठित हैं और आप सब अपनी हिफाजत करने को तत्पर हैं।"
उन्होंने कहा कि वह एक छात्र के रूप में आए हैं, न कि शिक्षक के रूप में और वह यह समझना चाहते हैं कि क्या करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत में शिक्षक को गुरु माना जाता है, जो मार्गदर्शन करते हैं, निर्देश देते हैं और जिनमें खुद की अभिव्यक्ति की क्षमता होती है।
राहुल ने शिक्षा प्रणाली की लागत बढ़ने पर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा, "मैं देखता हूं कि शिक्षा प्रणाली की लागत बढ़ती जा रही है, खासतौर से छात्रों और उनके परिवारों के लिए। यह इस स्तर तक बढ़ गया है, जोकि स्वीकार्य नहीं है।"
उन्होंने कहा कि लोग संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार द्वारा देश में शिक्षा प्रणाली में सुधार व विस्तार के लिए किए गए कार्य से अवगत हैं।