विधायकों ने नवजोत पर असंसदीय भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया
पंजाब विधानसभा में गुरुवार को विपक्षी आम आदमी पार्टी (आप) तथा शिरोमणि अकाली दल द्वारा अलग-अलग स्थगन प्रस्ताव लाने पर जोर देने के बाद जमकर हंगामा हुआ
चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा में गुरुवार को विपक्षी आम आदमी पार्टी (आप) तथा शिरोमणि अकाली दल द्वारा अलग-अलग स्थगन प्रस्ताव लाने पर जोर देने के बाद जमकर हंगामा हुआ। बजट सत्र के दूसरे दिन अकाली दल के विधायकों ने पंजाब के स्थानीय निकाय व पर्यटन मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पर असंसदीय भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया।
सिद्धू को अकाली दल के नेताओं के खिलाफ नारेबाजी करते हुए देखा गया, जब अकाली नेता किसानों का कर्ज माफ करने का वादा पूरा करने में सरकार के नाकाम होने के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव की मांग कर रहे थे।
वहीं, आप नेताओं ने सिंचाई एवं बिजली मंत्री राणा गुरजीत सिंह द्वारा भूमि सौदों को लेकर अलग से स्थगन प्रस्ताव लाने की मांग की।लेकिन, विधानसभा अध्यक्ष के.पी.सिंह ने स्थगन प्रस्तावों की अनुमति नहीं दी। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया। इस बीच, अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद आप नेता यह कहते हुए विधानसभा भवन के अंदर धरने पर बैठ गए और कहा कि वे राणा गुरजीत सिंह द्वारा की गई गड़बड़ी को सामने लाना चाहते हैं।
आप नेता एच. एस. फुलका ने कहा कि वे विधानसभा भवन में 'अपने सत्र' का संचालन कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें सदन के अंदर अपनी आवाज उठाने की अनुमति नहीं दी गई।
कांग्रेस ने कर्ज में डूबे पंजाब के किसानों से विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव प्रचार के दौरान उनके ऋण को माफ करने का वादा किया था। अब पंजाब में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार है।
पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि अकाली दल मुद्दों से खाली है और अनावश्यक रूप से किसानों के ऋण व कर्जमाफी का मुद्दा उठा रही है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार कर्जमाफी के अपने वादे के प्रति वचनबद्ध है और इसकी घोषणा मौजूदा सत्र में बजट पेश करने के दौरान कर दी जाएगी।