मास्टरमाइंड ने फर्जीवाड़ा कर खाते में जमा किए तीन करोड़ के शेयर
निजी कंपनी में तीन करोड़ रुपए का शेयर घोटाला करने वाले प्रंबधक को साइबर क्राइम सेल ने गिरफ्तार किया है
नोएडा। निजी कंपनी में तीन करोड़ रुपए का शेयर घोटाला करने वाले प्रंबधक को साइबर क्राइम सेल ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने मालिक के फर्जी हस्ताक्षर के जरिए कंपनी के खाते से तीन करोड़ रुपए के शेयर अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए थे।
इसके बाद 80 लाख रुपए के शेयर बेचकर अपने रिश्तेदारों और परिजनों को रकम बांट दी थी। मामले में कंपनी की तरफ से थाना सेक्टर-20 में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसकी जांच साइबर क्राइम सेल के प्रभारी निरीक्षक विवेक रंजन राय को सौंपी गई थी।
धोखाधड़ी की ये वारदात नोएडा के सेक्टर-तीन जी-तीन में चलने वाली 4ए सिक्योरिटी लिमिटेड कंपनी में हुई थी। ये कंपनी शेयर ट्रेडिंग का काम करती है।
कंपनी के निदेशक अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने अपने सहायक प्रबंधक (अकाउंट) भानु रंजन राय के खिलाफ थाना सेक्टर-20 में एफआईआर कराई थी। यूपी के महाराजगंज का रहने वाला भानु फिलहाल पूरे परिवार केसाथ फरीदाबाद सेक्टर-62 में रहता है। एफआईआर के मुताबिक भानु ने चार साल पहले 4ए सिक्योरिटी लिमिटेड कंपनी में बतौर सहायक प्रबंधक नौकरी शुरू की थी। अकाउंट का पूरा काम खुद संभालने लगा।
इसी दौरान भानु ने अरविंद के फर्जी हस्ताक्षर कर कंपनी के खाते से लगभग तीन करोड़ रुपए के शेयर अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। इसका पता कंपनी को उस वक्त चला जब एक ग्राहक ने 30 दिसंबर 2016 को अपने खाते में शेयर मांगे। अरविंद के कहने के बावजूद भानु ने जब तीन दिन तक शेयर ट्रांसफर नहीं किया तो ग्राहक ने दोबारा फोन किया। अरविंद ने जब इस संबंध में भानु से पूछा तो उसने गोलमोल जवाब दिया और अगले दिन से बिना बताए लापता हो गया।
इसके बाद अरविंद ने कंपनी के खातों की जांच की तो फर्जीवाड़े का पता चला। इसके बाद अरविंद ने भानु के खातों में ट्रांसफर शेष शेयरों की बिक्री पर रोक लगा दी थी। आठ माह तक आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर जांच थाना सेक्टर-20 से साइबर क्राइम सेल को ट्रांसफर कर दी गई थी। सर्विलांस के जरिए साइबर क्राइम सेल ने गुरुवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से दो मोबाइल फोन और सवा लाख रुपए मिले हैं।
मां व पत्नी को छोड़ सभी को दी थी फर्जीवाड़े की रकम
साइबर क्राइम सेल प्रभारी निरीक्षक विवेक रंजन राय ने बताया कि आरोपी ने अपनी मां और पत्नी को छोड़ अन्य सभी रिश्तेदारों और दो युवतियों के खाते में रकम ट्रांसफर की थी। भानु की तीन माह की एक बेटी भी है। इसमें उसके पिता हृदय शंकर, भाई रजनीश, भाई के ससुर पन्ना लाल वर्मा, ताऊ रवि शंकर वर्मा, पत्नी के मामा संतोष वर्मा, मामा चेतन भार्गव, चेरन भार्गव, मामी प्रीति भार्गव, फूफा दिनेश सेठ सहित कुछ अन्य लोग शामिल हैं।