मणिपुर : बीजेपी और कांग्रेस छोटे दलों को लुभाने की कोशिश में

 मणिपुर विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस को 28 और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 21 सीटें मिली हैं।

Update: 2017-03-12 15:58 GMT

इंफाल। मणिपुर विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस को 28 और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 21 सीटें मिली हैं। दोनों पार्टियां राज्य में सरकार बनाने के लिए छोटे दलों का समर्थन जुटाने में जुटी हैं।

मणिपुर विधानसभा चुनाव के परिणाम के शनिवार को घोषित कि ए जाने से पहले कांग्रेस और भाजपा के नेता अगली सरकार बनाने के लिए छोटे दलों से समर्थन जुटाने की कोशिश में जुट गए हैं।

असम के वित्तमंत्री और पूर्वोत्तर लोकतांत्रिक गठबंधन के संयोजक हेमंत बिस्व सरमा ने कहा, "नागा पीपुल्स फ्रंट ने राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला को एक पत्र लिखा है कि वह भाजपा को समर्थन देगा।"

मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह स्वयं कांग्रेस की ओर छोटे दलों को लुभाने की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं। उन्हें गठबंधन की राजनीति का अच्छा अनुभव है।वरिष्ठ भाजपा नेता भी कुछ समूहों के साथ राजनीतिक गठबंधन की प्रक्रिया पर प्रत्यक्ष रूप से नजर रखे हुए हैं।

भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार टी. चाओबा चुनाव हार गए हैं, लिहाजा पार्टी को मुख्यमंत्री पद के लिए कोई दूसरा नाम तय करना है। भाजपा प्रवक्ता नोंगथोमबाम बिरेन ने कहा, "भाजपा अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ अगला सरकार बनाएगी।" हालांकि उन्होंने पार्टियों के नाम का खुलासा नहीं किया।

राज्य में अगली सरकार बनाने की रणनीति पर चर्चा के लिए भाजपा और कांग्रेस रविवार को बैठक कर रहे हैं।लोकजन शक्ति पार्टी (लोजपा) और नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) ने भाजपा को समर्थन देने की घोषणा की है। दोनों दल केंद्र की राजग सरकार में सहयोगी हैं। लोजपा को एक सीट और एनपीएफ को चार सीटों पर जीत मिली है।

मणिपुर कांग्रेस के अध्यक्ष टी.एन. होकिप ने कहा, "एनपीएफ के यूनाइटेड नागा काउंसिल से घनिष्ठ संबंध हैं, जिसने राज्य के खिलाफ अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी लागू किया था। हम एनपीएफ के साथ हाथ नहीं मिलाएंगे।"

नेशनल पीपुल्स पार्टी भी भाजपा की नजदीकी है, हालांकि इसने अपना रुख सार्वजनिक नहीं किया है।वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि कांग्रेस समान विचारधारा वाली पार्टियों से हाथ मिलाएगी।

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