चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने लिखित में दर्ज कराई असहमति, पूरा रिकॉर्ड सामने आए : भाई जगताप
कांग्रेस नेता और एमएलसी भाई जगताप ने चुनाव आयोग, एसआईआर और केंद्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने कई बार लिखित रूप से अपनी असहमति दर्ज कराई है;
मुंबई। कांग्रेस नेता और एमएलसी भाई जगताप ने चुनाव आयोग, एसआईआर और केंद्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने कई बार लिखित रूप से अपनी असहमति दर्ज कराई है। चुनाव आयोग से जुड़े घटनाक्रम का पूरा रिकॉर्ड सामने आना चाहिए, ताकि इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
भाई जगताप ने कहा कि 2023 में केंद्र की मोदी सरकार एक ऐसा कानून लेकर आई, जिसके तहत चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण दिया गया। ऐसा कानून क्यों लाया गया और इसे उस समय पारित कराया गया, जब विपक्ष के 141 सांसदों को निलंबित किया गया था। संविधान देश में सर्वोच्च है और कोई भी व्यक्ति, चाहे वह चुनाव आयुक्त हो, न्यायाधीश हो या प्रधानमंत्री, संविधान से ऊपर नहीं हो सकता।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि मामले की जांच फास्ट ट्रैक आधार पर होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ छह महीने के भीतर कार्रवाई की जानी चाहिए।
महाराष्ट्र में एसआईआर को लेकर जगताप ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम से मुलाकात कर मतदाता सूची और फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 से जुड़ी विसंगतियों पर चर्चा की थी। करीब 75 लाख मतदाताओं की पहचान को लेकर सवाल हैं और इस संबंध में चुनाव आयोग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। एसआईआर केवल महाराष्ट्र का मुद्दा नहीं है। उन्होंने बिहार, पश्चिम बंगाल और उन सभी राज्यों में हुई चुनावी प्रक्रिया की समीक्षा की मांग की, जहां एसआईआर लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि यदि चुनावी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं साबित होती हैं, तो संबंधित चुनावों को लेकर उचित कानूनी और संवैधानिक प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
जगताप ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने करीब 6,000 किलोमीटर की यात्रा की और विभिन्न मुद्दों को लेकर आवाज उठाई। उन्होंने पेपर लीक, छात्रों, महिलाओं और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों पर राहुल गांधी के आंदोलनों का उल्लेख किया।
आईआईटी बॉम्बे में छात्र की मौत के मामले पर जगताप ने कहा कि घटना के सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि छात्र नकल करते पकड़ा गया था, तो उससे जुड़े तथ्य सामने आने चाहिए, लेकिन पूरे मामले की जांच के बाद ही निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए। उन्होंने संस्थानों में छात्रों के साथ भेदभाव के आरोपों की भी जांच की मांग की।
बिहार में लड़कियों से छेड़छाड़ की घटनाओं को लेकर जगताप ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बयानों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि नाबालिग के साथ हुई घटना को गंभीरता से लेकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार को ऐसे मामलों की जड़ तक जाना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।