आईपीएल टिकट विवाद पर राजू वाघमारे का तंज, 'कांग्रेस का वीआईपी कल्चर से पुराना नाता'
कर्नाटक में आईपीएल वीआईपी टिकट का विवाद गहराता जा रहा है। इस बीच मंगलवार को शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का वीआईपी कल्चर से पुराना नाता है
मुंबई। कर्नाटक में आईपीएल वीआईपी टिकट का विवाद गहराता जा रहा है। इस बीच मंगलवार को शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का वीआईपी कल्चर से पुराना नाता है।
राजू वाघमारे ने कहा, "आईपीएल भारत के अंदर अभी बहुत लोकप्रिय हो चुका है। जिस राज्य में आईपीएल के मैच होते हैं, उसकी टीम होती है। विधायक जो डिमांड कर रहे हैं, उनका भी मैच देखने का हक है, लेकिन सरकार को उन्हें टिकट देना चाहिए या फिर नहीं देना चाहिए, यह केवल और केवल सरकार का ही फैसला है।"
शिवसेना प्रवक्ता ने कहा, "महाराष्ट्र में तो ऐसा फैसला नहीं किया गया है। महाराष्ट्र के विधायक अपने आप टिकट लेते हैं और मैच देखते हैं। वहीं, कांग्रेस का जो कल्चर है, वह पहले से ही वीआईपी कल्चर रहा है। इस वीआईपी कल्चर के तहत कांग्रेस के लोग ऐसा डिमांड करते हैं। हमारे लोगों ने महाराष्ट्र के अंदर ऐसा डिमांड नहीं किया है। महाराष्ट्र सरकार ने ऐसी कोई भी चीज स्वीकार नहीं की है।"
उन्होंने भाजपा नेता मोहित कंबोज की बेटी की जन्मदिन पार्टी में शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे के शामिल होने पर कहा, "मेरे ख्याल से उद्धव ठाकरे को भाजपा का सहारा है। उस सहारे के नजदीक जाने के लिए मोहित कंबोज के अलावा कोई दूसरा नेता या शख्स जो देवेंद्र फडणवीस के करीब हो, वो यूबीटी के नजर में नहीं आ रहा है। इसलिए आदित्य ठाकरे के बहाने उन्हें वहां पर भेजकर भाजपा की तरफ रास्ता बनाने की कोशिश यूबीटी कर रही है।"
उन्होंने आगे कहा, "यूबीटी के सामने कोई दूसरा रास्ता नहीं है। उनके पास लोग नहीं हैं। महाराष्ट्र के लोगों ने उन्हें नकारा है। सभी हमारी शिवसेना के पास आ रहे हैं। ऐसे में यूबीटी के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। अगर यूबीटी ऐसा प्रयास नहीं करेगी, तो उनके पास कोई दूसरा सहारा नहीं है। वहीं, जहां तक मोहित कंबोज की बात है, उन्होंने जितनी कड़वी बात ठाकरे परिवार के बारे में की है, उसके बाद आदित्य ठाकरे का अचानक वहां जाना बहुत ही आश्चर्यजनक बात है। मेरा यह भी मानना है कि आदित्य ठाकरे का वहां जाना संजय राउत को पसंद नहीं आया है।"