एमपीएससी पेपर लीक मामले में एसआईटी की कार्रवाई, दो और आरोपी गिरफ्तार, अब तक 13 पकड़े गए
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएमसी) की औषध निरीक्षक (ड्रग इंस्पेक्टर) भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) को बड़ी सफलता मिली है। जांच एजेंसी ने इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।;
मुंबई। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएमसी) की औषध निरीक्षक (ड्रग इंस्पेक्टर) भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) को बड़ी सफलता मिली है। जांच एजेंसी ने इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।
जांच में सामने आया है कि महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग की गोपनीयता और परीक्षा की निष्पक्षता को भंग करते हुए कुछ आरोपियों ने सरकारी जिम्मेदारियों का दुरुपयोग किया। आरोप है कि आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से प्रश्नपत्रों की प्रतियां गोपनीय कक्ष से बाहर निकालकर अवैध रूप से बेची गईं।
बता दें कि एमपीएमसी ने 22 मार्च 2026 को विज्ञापन क्रमांक 116/2025 के तहत औषध निरीक्षक, गट-बी, अन्न एवं औषध प्रशासन संवर्ग के 154 पदों के लिए राज्य के छह परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की थी।
इस मामले में एमपीएमसी के विधिक प्रतिनिधि मंगेश देसाई की शिकायत पर 25 अगस्त 2026 को मामला दर्ज किया गया था। केस को लेकर कफ परेड पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 0195/2026 दर्ज किया गया।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के अलावा महाराष्ट्र स्पर्धा परीक्षा (अनुचित साधनों पर प्रतिबंध) अधिनियम-2024 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एसआईटी ने इस मामले में पहले ही 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें एमपीएससी के अधिकारी, कर्मचारी, बिचौलिए और पेपर खरीदने वाले उम्मीदवार शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में अवर सचिव अभिजीत लांडवे, सहायक कक्ष अधिकारी विश्वेश्वर नकाते, सहायक कक्ष अधिकारी गोपाल मराठे, कौटिल्य अकादमी संचालक प्रवीण पाटिल, बिचौलिये अमृत पाटिल, लोकेश उर्फ गौरव पाटिल, संदीप खलाटे और भैरवनाथ कदम, उम्मीदवार ऋतुजा पाटिल, साजिद संदे और विजय किंगर शामिल हैं।
जांच के दौरान एसआईटी को पता चला कि प्रश्नपत्र उम्मीदवारों तक पहुंचाने में बिचौलिये मयूर ठाकरे की भी भूमिका थी। उसे 12 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया गया।
वहीं, जांच में यह भी सामने आया कि एमपीएससी के सहायक कक्ष अधिकारी रोहित कोलटकर ने आरोपी अभिजीत लांडवे से प्रश्नपत्र हासिल किया था। एसआईटी ने रोहित कोलटकर को 23 अक्टूबर 2026 को नवी मुंबई से गिरफ्तार कर लिया।
एसआईटी का कहना है कि पेपर लीक नेटवर्क की पूरी साजिश, आर्थिक लेनदेन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।