एमपीएससी पेपर लीक मामले में बड़ा एक्शन: मुंबई क्राइम ब्रांच ने 2 उम्मीदवारों समेत 4 और आरोपियों को किया गिरफ्तार

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की औषध निरीक्षक पद की परीक्षा में लीक और अनधिकृत तरीके से प्रश्नसंच हासिल करने के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो उम्मीदवार और दो बिचौलिए शामिल हैं। इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।;

Update: 2026-09-25 06:15 GMT

मुंबई। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की औषध निरीक्षक पद की परीक्षा में लीक और अनधिकृत तरीके से प्रश्नसंच हासिल करने के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो उम्मीदवार और दो बिचौलिए शामिल हैं। इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

गिरफ्तार किए गए उम्मीदवारों की पहचान साजिद संदे और विजय किंगर के रूप में हुई है। साजिद संदे को सांगली से, जबकि विजय किंगर को बुलढाणा से गिरफ्तार किया गया है। वहीं, मामले में बिचौलियों की भूमिका निभाने वाले संदीप खलाटे और भैरवनाथ कदम को नवी मुंबई से गिरफ्तार किया गया।

जांच में सामने आया कि एमपीएससी की परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता का उल्लंघन किया गया। साथ ही, लोकसेवक के तौर पर सौंपे गए सरकारी कर्तव्य का कथित रूप से दुरुपयोग करते हुए आर्थिक लाभ के लिए प्रश्नसंच को अनधिकृत तरीके से बाहर निकालकर उसकी लेन-देन की गई।

मामले में इससे पहले अवर सचिव अभिजीत लेंडवे, गोपनीय कक्ष में कार्यरत सहायक कक्ष अधिकारी विश्वेश्वर नकाते, सहायक कक्ष अधिकारी गोपाल मराठे, कौटिल्य अकादमी के संचालक प्रवीण पाटील, बिचौलिए अमृत पाटील और लोकेश उर्फ गौरव पाटील और उम्मीदवार ऋतुजा पाटील को गिरफ्तार किया जा चुका है।

मामले की जांच में सामने आया था कि उम्मीदवार ऋतुजा पाटील और गौरव पाटील के बीच प्रेम संबंध था। ऋतुजा ने अपने पिता अमृत पाटील से परीक्षा का पेपर हासिल करने की बात कही थी। इसके बाद अमृत पाटील कथित बिचौलिए प्रवीण पाटील के संपर्क में आया। प्रवीण पाटील नंदुरबार में कोचिंग क्लास चलाता था।

पुलिस जांच में सामने आया कि प्रवीण पाटील और एमपीएससी के गिरफ्तार अधिकारियों के बीच करीब 5 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि पूरी डील करीब 12 लाख रुपए में हुई थी।

फिलहाल, अब चार और गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 11 हो गई है। विशेष जांच दल मामले में आगे की जांच कर रहा है और प्रश्नसंच लीक मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


Tags:    

Similar News