मराठा आरक्षण की मांग पर 'महाराष्ट्र बंद', सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

महाराष्ट्र में 16 प्रतिशत मराठा अारक्षण की मांग काे लेकर महाराष्ट्र राज्य मराठा क्रांति मोर्चा (एमकेएम) समन्वय समिति ने मराठवाड़ा के अाठ जिलों में बंद का आह्वान किया है

Update: 2018-08-09 15:21 GMT

औरंगाबाद। महाराष्ट्र में 16 प्रतिशत मराठा अारक्षण की मांग काे लेकर महाराष्ट्र राज्य मराठा क्रांति मोर्चा (एमकेएम) समन्वय समिति ने मराठवाड़ा के अाठ जिलों में बंद का आह्वान किया है। हालांकि मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे को आंदोलन से अलग रखा गया है। 

एमकेएम आंदोलनकारियों ने क्षेत्र की मुख्य सड़कों को निशाना बनाया तथा जाम लगाकर यातायात को प्रभावित किया जिससे कई हिस्सों पर वाहनों का बोझ बढ़ गया।

सरकार ने क्षेत्र के साथ-साथ पूरे राज्य में सुरक्षा बढा दी है क्योंकि पिछले महीने मराठा समूहों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में बड़े पैमाने पर हिंसा और आगजनी की घटनायें हुई थी। बंद के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सरकार ने एसआरपीएफ प्लाटून, आरएएफ, स्ट्राइकिंग फोर्स, त्वरित कार्यबल और स्थानीय पुलिस तैनात की है।

औरंगाबाद शहर में, एमकेएम आंदोलनकारियों ने आकाशवाणी चौक, सिडको बस स्टैंड, मुकदवाड़ी, हरसुल टी-पॉइंट, टीवी सेंटर, पुंडलिक नगर, जालना रोड सहित सभी महत्वपूर्ण मार्गाें को जाम कर अवरुद्ध कर दिया तथा आंदोलन एवं प्रदर्शन किये। इस दौरान अधिकांश उद्योग-धंधे भी बंद रहे।

कुछ स्थानों पर पथराव की घटनाएं भी हुईं और अपनी मांगों को हल करने में ‘विफलता’ के लिए आंदोलनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए। 

नांदेड़ में सभी स्कूल, दुकान तथा व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। हिंगोली से प्राप्त रिपोर्ट में कहा गया है कि आंदोलनकारियों ने स्कूल बस को आग लगा दी। लातूर, उस्मानाबाद, परभानी और बीड जिले में रास्ता रोको आंदोलन भी किया गया।

इस क्षेत्र में संबंधित डिपो द्वारा अधिकांश लंबी दूरी की एमएसआरटीसी बसों को एहतियातन पहले ही रद्द कर दिया गया है।

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